हीरानगर मोड़ पर फ्लाई ओवर के नीचे चला प्रशासन का पीला पंजा जागरूक पाठक
नगर कमेटी ने विरोध के बीच दस खोखे हटाए गए, रेहड़ी-फड़ियों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हीरानगर मोड़ पर मंगलवार को नगर कमेटी ने पुलिस बल के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। पुल के नीचे लगे अस्थायी ढांचों और रेहड़ी-फड़ी को हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय भड़क गए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और धक्का-मुक्की तक बात पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। कार्रवाई के दौरान दस खोखे हटाए जाने के साथ ही रेहड़ी-फड़ियों को भी क्षेत्र खाली करने की चेतावनी जारी कर दी गई है।
मंगलवार दोपहर नगर कमेटी हीरानगर की टीम ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाना शुरू किया तो रेहड़ी-फड़ी वाले और स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि कठुआ जिले के प्रवेशद्वार लखनपुर सहित सांबा और जम्मू में रेहड़ी-फड़ी लगाने की अनुमति दी गई है लेकिन हीरानगर में इन्हें निशाना बनाया जा रहा है। विरोध करने वालों ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन कार्रवाई जारी रही तो वे आंदोलन करेंगे।
व्यापार मंडल हीरानगर मोड़ के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि नगर पालिका लंबे समय से इन फड़ी वालों से पर्ची काट रही थी। अब अचानक इन्हें हटाना अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे व्यापारी अपने लोन और रोजमर्रा के खर्चे कैसे चुकाएंगे। शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार आत्मनिर्भर भारत की बात करती है लेकिन छोटे व्यापारियों को उनके रोजगार से दूर किया जा रहा है। हालांकि नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए हैं और इसके तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की कार्रवाई में करीब दस खोखे हटाए गए हैं और यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया तो इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसडीएम हीरानगर फुलैल सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वस्त किया।
पहले अतिक्रमण फिर कार्रवाई, हर बार देरी से जागता है प्रशासन
जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर केवल हीरानगर मोड़ ही नहीं बल्कि जगह-जगह अतिक्रमण हमेशा ही परेशानी का सबब बनता रहा है। कुछ दिन पहले सीटीएम के सामने और हटली चौकी के सामने भी प्रशासन ने कार्रवाई की थी। हीरानगर के फ्लाईओवर के नीचे और दियालाचक में नए बने फ्लाईओवर के दोनों ओर भी भारी अतिक्रमण है। हैरत की बात है कि दिनदिहाड़े और प्रशासन की नाक तले रोजाना अतिक्रमण बढ़ते चले गए लेकिन किसी ने रोकने का प्रयास भी नहीं किया। अब एकाएक प्रशासन की कार्रवाई भी आम लोगों को चुभना लाजमी थी। विरोध कर रहे लोगों ने बताया कि एक एक कर कई लोग रोजगार की आस में यहां काम करने लगे। इनमें कुछ लोग ऐसे हैं जिनके पास कुछ ओर साधन नहीं था। प्रशासन को हटाने के साथ ही उन्हें जगह चिह्नित कर देनी चाहिए।