बसोहली के आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पढ़ाई जा रही वर्णमाला जिसे लेकर रामाधुन चेरिटेबल ट्रस्
आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित वर्णमाला पोस्टरों में गंभीर शैक्षणिक त्रुटियां
रामाधुन चेरिटेबल ट्रस्ट ने एडीसी से शिकायत कर निरीक्षण करने की मांग की
कठुआ। आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित हिंदी वर्णमाला पोस्टरों में गंभीर शैक्षणिक त्रुटियों का मामला प्रकाश में आया है। ड और ढ अक्षर को वर्णमाला से ही बाहर रखा गया है और क्ष का उदाहरण अशुद्ध व अधूरा है। रामाधुन चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में एडीसी बसोहली से शिकायत करते हुए निरीक्षण करने की मांग की है।
रामाधुन चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन अमित मेहरा ने बताया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को प्रभावित करने वाली गलतियां पोस्टरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। उन्होंने हैरत जताई कि यह सामग्री सरकारी माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंची है। उपलब्ध पोस्टरों में ङ और ञ अक्षरों के लिए कोई उदाहरण नहीं दिया गया है। ज्ञ अक्षर के लिए असंगत चित्र लगाया गया। अः (विसर्ग) का केवल चिह्न है, शब्द उदाहरण नहीं। मात्राओं में ड़ और ई की प्रस्तुति अस्पष्ट है जिससे बच्चों में भ्रम पैदा हो सकता है।
उन्होंने एडीसी को लिखी शिकायत में कहा कि यदि इन मूलभूत भेदों को स्पष्ट रूप से न दर्शाया जाए तो बच्चों की प्रारंभिक भाषा शिक्षा प्रभावित हो सकती है। मेहरा ने मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत इन पोस्टरों का निरीक्षण कर सुधार सुनिश्चित करे। मामला न केवल शिक्षा सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाया बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सीधा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
कोट
मामला संज्ञान में आया है। यह पोस्टर कहां से आया है इसकी जांच की जा रही है। यदि त्रुटि पाई जाती है तो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी लाकर इसे बदला जाएगा।
- राकेश कुमार, सीडीपीओ बसोहली