रामकोट। रामकोट और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों, नीलगाय और जंगली सूअरों के झुंड फसलों व सब्जियों को नष्ट कर रहे हैं। इस बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष से स्थानीय किसान परेशान हैं। उनकी खेतों में मौजूदा समय में उगी रबी की फसलें बर्बाद हो रही हैं और उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने वन्य जीव विभाग से मांग की है कि जंगली जानवरों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए और किसानों को फसल सुरक्षा के लिए आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जाए, ताकि उनकी मेहनत बर्बाद न हो।
मकवाल से किसान मोहम्मद सादिक ने बताया कि हम दिन-रात मेहनत करके फसल उगाते हैं लेकिन जंगली जानवर हर दिन खेतों में धावा बोलकर पल भर में मेहनत बर्बाद कर देते हैं। ऊपर से बारिश भी इस सीजन में देरी से हुई है। किसान मोहिंदर कुमार का कहना है कि किसान जंगली जानवरों से अपनी गेहूं की फसल को बचाने के लिए रात का समय भी जाग कर काटते हैं और कई बार खेतों में जाकर जंगली जानवरों को भगा रहे हैं।