कठुआ। हीरानगर तहसील में हिजरती संपतियों पर अवैध कब्जों और निर्माणों को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। हीरानगर में राजस्व विभाग की ओर से चिन्हित ऐसी संपतियों को लेकर कस्टोडियन विभाग की ओर से 15 अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है।
विभाग की ओर से अब इन्हें व्यक्तिगत नोटिस जारी करने की भी तैयारी कर ली गई है। उप संरक्षक हिजरती संपति कस्टोडियन कार्यालय कठुआ की ओर से जारी अधिसूचना में उन संपतियों का उल्लेख किया गया है जो जम्मू-कश्मीर राज्य के हिजरती संपत्ति अधिनियम की धारा 6 और 9-A के तहत उप संरक्षक के अधीन आ चुकी हैं। अधिसूचना के अनुसार भैया और गुडा बैलदारां इलाकों में कई व्यक्तियों की ओर से हिजरती भूमि पर अवैध रूप से दुकानें, टिन शेड, घर और खोखे बनाए गए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से राकेश कुमार की दो दुकानें, सोमा देवी का खाली भूमि पर निर्माण, सुरजीत कुमार का खोखा, कुलदीप कुमार की दो दुकानें और सुभाष चंदर वर्मा का टिन शेड का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, गूड़ा बेलदारां में अन्य अवैध निर्माणों की भी पुष्टि की गई है। इनमें मनोहर लाल के दो घर, सतीश भारती के तीन कमरों वाला मकान, रसोई, लॉबी, बरामदा, बाथरूम और दो दुकानें, चमन लाल के टिन शेड, मार्बल और स्टोर, राजिंदर कुमार के टिन शेड, मार्बल और स्टोर, राम लाल के दो दुकानें, राधा कृष्ण के दो दुकानें और एक मकान, गोविंद राम के तीन दुकानें, देव राज के पांच कमरों वाला मकान और दो दुकानें, मनोहर लाल के तीन कमरों वाला मकान और डॉ. राहुल के तीन कमरों वाला मकान शामिल हैं।
यह कार्रवाई तहसीलदार हीरानगर की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल विभाजन के बाद विस्थापित हो गए लोगों की जमीनों और उनकी संपतियों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी कस्टोडियन विभाग को सौंपी गई है। जिले में कई जगह ऐसी संपतियों पर बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण हो चुके हैं।