बैंक कर्मी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए संवाद
- अलग-अलग बैंकों के कर्मियों ने शहीदी चौक में भारतीय स्टेट बैंक के बाहर किया प्रदर्शन
कठुआ। पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली की मांग को लेकर एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर कठुआ में रहा। इस दौरान बैंक कर्मियों ने कामकाज ठप रखा और शहर के शहीदी चौक में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पर गौर नहीं किया तो आने वाले दिनों में बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। सोमवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, नेशनल बैंक इंप्लाइज फेडरेशन, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस, नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स यूनियनों के सदस्य शामिल हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव संजीव कुमार, जोनल सचिव नरिंदर सिंह और भारतीय स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव अचल कुमार ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने वर्षों पुरानी मांग को दोहराया। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2023 को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग को लेकर समझौता हुआ था जिसे 8 मार्च 2024 को संयुक्त ज्ञापन के रूप में आगे बढ़ाया गया। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने इसे भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मार्च 2025 में भी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने हड़ताल का आह्वान किया था जिसे वित्त सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के आश्वासन पर स्थगित कर दिया गया। नौ महीने बीतने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे कर्मचारियों में असंतोष है। प्रदर्शनकारियों में शामिल रजनी ने कहा कि बैकों में बढ़ते काम के बोझ के कारण पहले ही वह लोग शाम को सात बजे तो कई बार रात आठ बजे अपने घर जा रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने सरकार से मांग की है कि वह अपने वादे को निभाए और पांच दिवसीय बैंकिंग को तुरंत लागू करे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।