चार उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, नौ हाई स्कूलों, 15 मिडिल स्कूलों और 35 प्राइमरी स्कूलों में अधिकांश पद रिक्त
दो मई को प्रदर्शन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मल्हार जोन में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। इसका खामियाजा यहां के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। चार उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, नौ हाई स्कूलों, 15 मिडिल स्कूलों और 35 प्राइमरी स्कूलों में स्वीकृत पदों के बावजूद अधिकांश पद रिक्त पड़े हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई विद्यालय केवल एक या दो शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। अभिभावक, छात्र और जनप्रतिनिधियों ने मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने का फैसला लिया है।
अभिभावकों ने बदहाली के खिलाफ दो मई को मछेड़ी में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि शिक्षा पाना बच्चों का मौलिक अधिकार है। अब समय आ गया है जब समाज को जागना होगा। आज विरोध नहीं किया गया तो अगले 500 साल तक इस दुर्गम क्षेत्र की नियति ऐसी ही बनी रहेगी।
आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति भयावह नजर आती है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कुल 124 स्वीकृत पदों में से केवल 42 भरे गए हैं, जबकि 82 पद खाली हैं। आलम यह है कि भौतिकी, गणित, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र जैसे अनिवार्य विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं। मिडिल स्कूलों में स्वीकृत पदों में से आधे से अधिक खाली हैं जबकि हाई स्कूलों में प्रधानाचार्य और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं।
प्राइमरी स्तर की शिक्षा का हाल तो और भी बुरा है। यहां 35 संस्थान महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। कुछ स्कूलों में तो नामांकन शून्य हो चुका है जबकि कुछ के भवन ढहने के कारण उन्हें दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या संसाधनों की कमी से ज्यादा विभाग की उदासीनता और भेदभावपूर्ण नीति के कारण है। एक तरफ मल्हार के बच्चे बिना शिक्षकों के पढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ हीरानगर, मढ़ीन, सल्लन और कठुआ में स्टाफ की भरमार है।
इस क्षेत्रीय असमानता के पीछे एक बड़ा कारण अदालतों की ओर से दिए गए स्टे ऑर्डर भी हैं। 4,000 ट्रांसफर स्टे ऑर्डर न हटने से शिक्षकों का यथोचित पुनर्वितरण नहीं हो पा रहा है। इस बीच मुख्य शिक्षा अधिकारी कठुआ, केवल कृष्ण का कहना है कि हायर सेकेंडरी स्तर पर लेक्चररों की कमी दूर करने के लिए क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर्स की तैनाती की जाएगी और अन्य रिक्तियों के लिए युक्तिकरण का सहारा लिया जाएगा। जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है और 2 मई का प्रदर्शन सरकार की आंखें खोलने के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
प्रमुख आंकड़े (टेबल)
विद्यालय स्तर स्वीकृत पद भरे गए पद रिक्त पद विशेष टिप्पणी
हायर सेकेंडरी 124 42 82 विज्ञान और वाणिज्य विषयों के शिक्षक नहीं
हाई स्कूल 94 52 42 हेडमास्टर और पीईटी के पद रिक्त
मिडिल स्कूल 95 55 40 अधिकांश स्कूलों में मास्टर ग्रेड की कमी
प्राइमरी स्कूल - - - 35 स्कूल