संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बसोहली उपमंडल के धार-झेंखर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथा स्थल पर श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति भाव से उत्सव का आनंद लिया। पूरा वातावरण नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक राम दास अनुरागी ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कंस के कारागार में वासुदेव-देवकी के घर हुआ था। उनका पालन-पोषण नंदबाबा के घर में हुआ इसलिए नंदगांव में जन्मोत्सव विशेष रूप से मनाया जाता है। श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध कर पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त किया और अपने माता-पिता को कारागार से छुड़वाया।
कथावाचक ने बताया कि द्वापर युग में जन्म लेने वाले श्रीकृष्ण ने अपने पूर्वज चंद्रदेव को दिए वचन को निभाने के लिए आधी रात को जन्म लिया। श्रीराम अवतार में उन्होंने चंद्रदेव को आश्वासन दिया था कि वे उनके प्रकाश में ही जन्म लेंगे। चंद्रवंशी होने के कारण श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में हुआ।