उर्स मुबारक पर चादरपोशी के लिए जाती महिला संगत
कार्यक्रमों की शृंखला ने आध्यात्मिक रंग में रंग दिया वातावरण
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सूफी मत ज्ञान दरबार पलगेतर में गौस-ए-आजम सुल्तान-उल-औलिया के सालाना उर्स का आगाज श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रमों की शृंखला ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
संत बाबा मनोहर शाह चिश्ती की अध्यक्षता में शनिवार को खत्व-दरूद के साथ मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दोपहर से विशाल लंगर का आयोजन किया गया। रात तक जारी रहने वाले इस लंगर दरगाह शरीफ में माथा टेकने के लिए आने वाले भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके चलते दिन में वहां मेले जैसा माहौल रहा।
दरगाह शरीफ में आयोजित होने वाले वार्षिक कार्यक्रम के संबंध में मनोहर शाह चिश्ती ने बताया कि इस वार्षिक कार्यक्रम का आगाज 1 अप्रैल को मेहंदी रस्म और दुआ के साथ किया गया। इसमें लंगर की व्यवस्था की गई थी। 2 अप्रैल को महिलाओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए और लंगर की सेवा दी। 3 अप्रैल को सुबह मजार-ए-नुस्ल, चादरपोशी, झंडा पोशी और दुआ के कार्यक्रम हुए। शाम से रात तक लंगर और देर रात तक कव्वाली ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
उन्होंने बताया कि आज रात को भी बाबा की शान में कव्वालियाें का आयोजन किया जाएगा। इसमें रात आठ बजे के बाद पहले नगरी के कव्वाल सुरिंदर और उसके बाद पड़ोसी राज्य पंजाब के बिल्ला गुरदासपुरिया मजहबी कव्वालियां प्रस्तुत करेंगे। पूरी रात चलने वाले इस आयोजन के साथ उर्स मुबारक संपन्न होगा।