मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी, जीएमसी कठुआ में प्रदर्शन तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। ढाई दिन की वेतन कटौती के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया। ऐसे में मरीज बेहाल होते रहे। कठुआ में कर्मचारियों ने हल्ला बोल के नारों के साथ प्रदर्शन कर सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
बारिश के दौरान जीएमसी परिसर में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि उनकी यह रैली सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास है। इससे वह सरकार को संदेश दे रहे हैं कि अब बारिश, धूप, तूफान और आंधी भी उन्हें नहीं रोक पाएगी। वह अपने हक को हासिल करने के बाद ही संघर्ष को खत्म करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल स्मृति ने कहा कि उन्हें मिलने वाली ढाई दिन के वतन पर तो रोक लगा दी है लेकिन इसके अलावा उनके साथ ही काम करने वाले कुछ सहकर्मियों के वेतन में कोई कटौती नहीं हुई है। ऐसे में उन्हें अब तक यह पता नहीं चला है कि उनके वेतन में की जाने वाली कटौती का क्या आधार है। इसी विरोध में होने वाली इस हड़ताल को अब तीन दिन के लिए बढ़ाया जा रहा है।
मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन की कठुआ इकाई के जिला प्रधान नीरज मलागर ने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा एक मंदिर के समान होती है जहां जनता की समस्याओं का समाधान किया जाता है। इसी विधानसभा में विधायक श्यामलाल शर्मा ने हमारे मुद्दे पर सवाल उठाया था और मंत्री ने जवाब दिया था कि एक कमेटी बनाई गई है जिसकी रिपोर्ट 22 तारीख से मंत्री के टेबल पर पड़ी है लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मलागर ने कहा कि हमारी दो प्रमुख मांगें हैं पहली ढाई दिन का रुका हुआ वेतन और दूसरी मेडिकल कॉलेज के लिए भर्ती नियमों को लागू करना जो सात साल से लंबित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल सोमवार तक जारी रहेगी और अगर सरकार ने जल्द ही मांगों पर गौर नहीं किया तो संघर्ष और तेज होगा।
इस मौके पर सुरिंदर बरमानी ने कहा कि हम मजबूरी में सड़कों पर आए हैं। हमारी सेवाएं 1998 से मिलती आ रही हैं और अगर इन्हें बंद करने का प्रयास किया गया तो यह केवल मेडिकल प्रोफेशन ही नहीं बल्कि पूरे हेल्थ डिपार्टमेंट और अन्य आवश्यक सेवाओं के साथ अन्याय होगा।
पीएचसी और सीएचसी में ओपीडी-आईपीडी सेवाएं प्रभावित, बारिश के कारण कम पहुंचे लोग
स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण जीएमसी कठुआ सहित जिले भर के पीएचसी और सीएचसी में ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल के तीसरे दिन सुबह से जारी बारिश और हड़ताल की जानकारी आम लोगों तक पहुंचने के कारण जीएमसी के ओपीडी ब्लॉक में मरीजों की भीड़ नहीं दिखाई दी।
कोट
स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवा प्रभावित हुई है जबकि मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। लिहाजा अब इमरजेंसी ब्लॉक में हर तरह के मरीजों को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। शनिवार से ओपीडी में सेवा देने वाले सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों को इमरजेंसी ब्लॉक में उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है।
- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ