बसोहली उपमंडल के गांव पलारा का मामला, मायका पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
ससुराल के लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की
कठुआ। बसोहली उपमंडल के पलारा गांव में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में मायका पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। रविवार को उपमंडल के झेंखर गांव से मायका पक्ष के लोगों ने उपजिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर मृतक महिला ललिता देवी (22) के ससुराल के लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
रविवार सुबह करीब 10 बजे उप जिला अस्पताल में होने वाले प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर वहां पहुंचे एसडीपीओ बसोहली ओमप्रकाश ने प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। मृतका का पोस्टमार्टम जीएमसी कठुआ में डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में करवाया गया है और पति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एसडीपीओ ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीपीओ से मिले आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने इस इस चेतावनी के साथ नारेबाजी बंद की कि अगर इस मामले में पुलिस ने दोषियों को सजा दिलाने में कोई ढिलाई की तो वह इससे भी ज्यादा संख्या में सड़क पर उतरेंगे। दो घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद मायके पक्ष के लोग उपजिला अस्पताल से मृतका का शव लेकर चले गए। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
प्रदर्शन में शामिल मृतका के पिता जसवंत सिंह ने कहा कि उनकी बेटी ललिता की मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि साजिशन की गई है। जब उन्होंने अपनी बेटी का शव देखा तो शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी लेकिन गले पर निशान साफ दिखाई दे रहा था जिससे हत्या की आशंका और गहराती है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी दो साल पूर्व पलारा गांव के गुशु कुमार से हुई थी। शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बीच-बीच में उन्हें बेटी को तंग किए जाने की शिकायतें मिलती थीं। उन्होंने उम्मीद की थी कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा लेकिन अब बेटी की अचानक मौत ने उन्हें झकझोर दिया है।
प्रदर्शन में शामिल झेंखर के पूर्व सरपंच केवल कुमार ने कहा कि ससुराल पक्ष की ओर से मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है लेकिन इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक होना संदेहास्पद है। उन्होंने गले पर पड़े निशान को भी हत्या की ओर संकेत बताया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक ससुराल पक्ष के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है। इससे उन्हें न्याय मिलने को लेकर संदेह है। उन्होंने मांग की है कि सबसे पहले ससुराल पक्ष के लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।