श्रीमद् भगवत कथा से पूर्व शहर में निकाली गई कलशयात्रा में भाग लेते भक्त।
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कठुआ। शहर के वार्ड 10 स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है। रविवार को मंदिर परिसर से ढोल नगाड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु शहर का भ्रमण करते हुए प्राचीन बावलियों पर पहुंचे। जहां पूजा अर्चना एवं मंत्रोच्चारण के बीच कलशों में बावली का पवित्र जल भर भजन कीर्तन करते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंचे। जहां विधि विधान से पूजा करते हुए कलशों की स्थापना की गई।
पहले दिन की कथा सुनाते हुए पंडित दादू दयाल शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम स्कंद का वर्णन किया। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि भगवान शिव ने शुकदेव बनकर सारे संसार को भागवत कथा सुनाई। भागवत कथा का श्रवण करने वाला कोई व्यक्ति दुखी नहीं होता। अपितु इस कथा के श्रवण से साधक को अच्छे और बुरे कर्मों का ज्ञान होता है।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालु से कहा कि भगवान श्री कृष्ण के ज्ञान से परिपूर्ण श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से चारित्रिक और नैतिक विकास होगा। जोकि लोगों को सद्गति की ओर ले जाता है। यही मानव जीवन का परम लक्ष्य है।