हीरानगर में हत्या के बाद लोगों में रोष
- फोटो : अरुण खजुरिया
जानकारी के अनुसार, हर रोज की तरह रविवार शाम गांव मेला में अपनी दवाईयों की दुकान बंद कर अमरजीत शर्मा घर पहुंचे। इसके बाद रात में टहलने के लिए अपनी गोशाला की ओर बढ़ गए। कुछ समय बीतने पर जब परिजनों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो उन्हें वापस कोई जवाब नहीं मिला। चिंता में डूबे परिजन उनकी तलाश के लिए गोशाला के पास पहुंचे तो उनके होश उड़ गए।
वहां दूर झाड़ियों में उनका फोन पड़ा मिला। साथ ही खून से लथपथ अमरजीत पाए गए। उन्हें तुंरत अस्पातल ले जाया गया। साथ ही पुलिस को भी सूचित किया गया। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे। लोगों ने इस पर कड़ा रोष जताया। इसके बाद सुबह एक बार फिर प्रदर्शन शुरू हुआ।
हीरानगर में हत्या के बाद लोगों में रोष
- फोटो : अरुण खजुरिया
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके गांव में पहले कभी ऐसी घटना नहीं घटी है। इस हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें भी फांसी की सजा दी जानी चाहिए। इस इलाके का भारत-पाकिस्तानी सीमा के करीब होने के चलते उन्होंने आतंकी वारदात होने का भी शक जताया। हत्या के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने अमरजीत के हत्यारों के जल्द सलाखों के पीछे करने की मांग की है।
हीरानगर में हत्या के बाद लोगों में रोष
- फोटो : अरुण खजुरिया
वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह भी कठुआ से मौके पर पीड़ित के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की। लाल सिंह ने कहा कि हत्या में शामिल लोगों को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए और परिजनों को इंसाफ दिया जाना चाहिए।