नासा के प्रोजेक्ट के लिए जम्मू-कश्मीर से कठुआ जिले के नौ स्कूली विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें कठुआ के स्प्रिंग डेल इंग्लिश स्कूल के श्रन्या, अभय प्रताप सिंह, दिवुम भारती, राशि शर्मा, एलिसा सरधालिया, समर प्रताप सिंह भदवाल, मेहुल शर्मा, मृगन कामौली वशिष्ठ और प्रणय महाजन शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग (आईएएससी) के सहयोग से दिल्ली स्थित होमी लेब की ओर से 21 अक्तूबर से 15 नवंबर तक वैश्विक क्षुद्रग्रह खोज अभियान आयोजित किया गया था। नासा की नागरिक विज्ञान परियोजना का संचालन अमेरिका की हार्डिन सीमंस यूनिवर्सिटी की ओर से किया जाता है। आईएएससी और होमी लैब बच्चों को मंच देती है। आउटरीच और प्रशिक्षण सहायता कलाम सेंटर दिल्ली देता है।
नौ देशों से 105 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया था। इसमें युवा प्रतिभाओं ने नासा के नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (एनईओ) कार्यक्रम में पथ-प्रदर्शक योगदान दिया और तीन प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज की। होमी लैब की ओर से बताया गया कि उन्नत खगोलीय सॉफ्टवेयर, एस्ट्रोमेट्रिका को संचालित करने के लिए चयनित प्रतिभागियों को अत्यधिक विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। होमी लैब के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीजन पाल सिंह ने छात्रों को बधाई दी। कहा कि ये खोजें ब्रह्मांड के बारे में हमारे ज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान हैं।