शहर से सटकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर वाहनों की भरमार है, लेकिन परिवहन विभाग के अंतर्राज्यीय रूट के यात्री वाहन जिला मुख्यालय में रुके बिना गुजर जाते हैं।
अंतर्राज्यीय बस अड्डे की अधिसूचना जारी होने के बावजूद बस अड्डा न होने से यात्री वाहन नहीं रुक पाते हैं। दशकों पुरानी मांग के मूर्त रूप लेने का काम शुरू हो गया है।
अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से जहां आईएसबीटी कठुआ एक्टिवेट हो जाएगा वहीं पहले चरण में शेड, बुकिंग काउंटर और दो दुकानों की सुविधा रहेगी।
बस अड्डे की जगह के समतलीकरण के लिए विकास राशि जहां एक साल पहले ही जारी हो चुकी थी, वहीं अब इसे लेकर काम तेजी से शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट करोड़ों का है।
पिछले साल जहां चौदह लाख रुपये की राशि जारी हुई, वहीं अब 30 लाख की राशि से पहले चरण का काम होगा। पहले चरण में समतलीकरण के साथ तारकोल बिछाने, शेड डालने और दो दुकानें बनाने का काम होने जा रहा है।
शुरुआत 30 लाख रुपये के खर्च से होने जा रही है, लेकिन बस अड्डे को पूरी तरह से तैयार करने के लिए 14 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि प्रस्तावित की गई है।
दरअसल, जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर अंतर्राज्यीय बसों का आवागमन तो होता है लेकिन कठुआ जिले में यह बसें केवल राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में ही रुकती हैं। इसके बाद बसों का जिला मुख्यालय से सटे इलाकों में अधिकारिक रूप से कहीं पर भी पड़ाव नहीं है।
ऐसे में जिला अस्पताल से सटे चक सज्जन इलाके में बस अड्डे की परियोजना मूर्त रूप लेने जा रही है। अंतर्राज्यीय बस अड्डे के लिए वर्ष 2006 से संघर्ष कर रहे कठुआ विकास मंच के अध्यक्ष प्रो. राममूर्ति शर्मा ने बताया कि चक सज्जन में सिंचाई विभाग से एनओसी लेकर 10 कनाल 5 मरला भूमि का राजस्व रिकॉर्ड सौंपा गया था।
बस अड्डे के लिए 29 नवंबर 2011 को 29/एमवीडी/पी 2011 संख्या से अधिसूचना जारी कर दी गई, लेकिन भूमि न मिलने की वजह से मामला अधर में रहा था। इसके बाद भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया।
एक साल पहले इसके समतलीकरण को लेकर राशि भी जारी हो गई, लेकिन फिर भी काम शुरू नहीं हो पाया। अंतर्राज्यीय बस अड्डा बनने से इलाके का विकास भी होगा।
कठुआ में हाईवे से सटे भूमि पर आईएसबीटी का काम तेजी से किया जा रहा है। अगले वित्त वर्ष तक इंटर स्टेट बस स्टॉप को सुचारु कर दिया जाएगा। इससे बाहरी राज्यों से आने वाली बसें भी यहां रुक सकेंगी। -सौजन्य शर्मा, निदेशक, अर्बन लोकल बाडीज जम्मू