गांव बरनोटी में गुज्जर समुदाय द्वारा भूमि से कब्जा न हटाने के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार को जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। ग्रामीण तीन घंटे तक हाईवे पर डटे रहे। उन्होंने राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि बार-बार शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने कब्जा हटाने के लिए कार्रवाई नहीं की।
प्रदर्शनकारियों में शामिल उत्तम चंद और तरसेम लाल ने बताया कि उन्होंने डेढ़ कनाल भूमि सीमेंट के पैसे न चुका पाने के कारण कुछ समय के लिए एक व्यक्ति को दी थी। उसने कब्जा करने के लिए उक्त भूमि को गुज्जर समुदाय के लोगों को रहने के लिए दे दी।
पंचायत के सदस्यों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से इसकी शिकायत की। तब आश्वासन दिया गया कि वह इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। इसके बाद न तो विभाग ने कोई कागजी कार्रवाई पूरी की और न ही गुज्जर समुदाय के लोगों को मौके से हटाया।
सुनील मजोत्रा ने बताया कि एक दिन पहले भी उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस संबंध में बात की थी, लेकिन वहां से भी कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसके बाद ही हाईवे जाम करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पुलिस को जानकारी देने के बाद भी गुज्जर समुदाय के लोगों को हटाया नहीं गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस अधिकारी समुदाय के लोगों का बचाव करते रहे।
जाम खुलवाने के लिए डीएसपी मुख्यालय और नायब तहसीलदार देर शाम को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जमीन से कब्जा हटवाकर समुदाय के लोगों का सामान जब्त किया। साथ ही उनसे सोमवार की सुबह मामले की जांच के लिए बयान दर्ज कराने के लिए कहा। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।