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जिले का एक गांव ऐसा जहां पानी पर लगा पहरा

Mon, 09 May 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
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पानी की समस्‍या - फोटो : logo
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 बिन पानी सब सून... कठुआ जिले का बड़ानाल गांव ऐसा भी है, जहां पानी पर पहरा लगा है। सुनने में अजीब जरूर लगेगा, लेकिन यह सच है। यह गांव घाटी पंचायत का है।
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राजबाग से निकट घाटी पंचायत से सात किलोमीटर पैदल सफर कर इस गांव पहुंचा जाता है। गांव में एक ही कुएं में पानी है। आसपास के दो गांव और लगभग सात सौ की आबादी भी इसी कुएं पर निर्भर है।

घाटी के सरपंच जेपी सिंह ने बताया कि मई महीने की शुरुआत में ही इलाके में पानी की भारी किल्लत हो गई है। इस गांव में पानी लोगों को एक सुनियोजित तरीके से उपलब्ध कराया जाता है। प्रति परिवार पंद्रह लीटर पानी ही उपलब्ध कराया जाता है।
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कुएं से पानी की चोरी रोकने के लिए एक चौकीदार नियुक्त किया गया है। यह गांववालों ने आपसी सहयोग से किया है। बड़ी बात यह है कि कुएं का पानी बांटने के बाद चौकीदार उक्त परिवार का नाम बाकायदा रजिस्टर में दर्ज करता है।

घाटी गांव से बड़ानाल की दूरी लगभग सात किलोमीटर है। निकटवर्ती उज्ज दरिया भी बड़ानाल से सात किलोमीटर दूर है, जहां ही पानी का स्रोत है। बड़ानाल में दो कुएं हैं, लेकिन गर्मी शुरू होने के साथ ही एक पूरी तरह से सूख गया। दूसरे में पानी की कमी आ गई।

स्थिति ऐसी हो गई कि गांव वालों की जरूरत पूरा करने के लिए पानी की कमी आड़े आने लगी। ऐसे में लोगों को समझाकर रात के समय पानी भरने पर पाबंदी लगा दी गई। पंचायत के एक सदस्य की मदद से इलाके में सुनियोजित तरीके से कुएं से पानी की भराई का काम किया जाता है।

चोरी की तो पांच दिन पानी नहीं: सरपंच ने लोगों को सहमति के बाद ही यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पानी की चोरी न करे। चोरी करते पकड़े जाने पर उस परिवार को अगले पांच दिन पानी की सप्लाई नहीं दी जाती है।

स्थानीय लोगों की मानें तो क्षेत्र का यह कुआं कई घंटों के बाद रिचार्ज होता है। यानी इसमें इतना पानी इकट्ठा हो पाता है कि गांव के कुछ परिवारों को पानी मुहैया हो सके। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पानी सबको मिले।
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