लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले के मरीजों के लिए एक बार फिर जीएमसी कठुआ मे डायलिसिस यूनिट सक्रिय हो गया है। डेढ़ महीना पहले यूनिट के आरओ में आई खराबी के बाद यह यूनिट बंद हो गया था। इसके बाद से ही लगातार लोग इसे ठीक करवाए जाने की मांग कर रहे थे। हाल ही में उपराज्यपाल के समक्ष भी बैठक में इस मुद्दे पर बात हुई थी और दौरे के एक सप्ताह बाद ही इसे सक्रिय कर दिया गया है। छह बेड की सुविधा वाले इस डायलिसिस यूनिट में प्रति सप्ताह 18 से 22 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है।
वीरवार को इसके शुरू होने के साथ ही मरीजों ने राहत की सांस ली। जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य डॉ अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि यूनिट के आरओ में खराबी आ गई थी। जिस कंपनी के साथ इसकी मरम्मत का करार था, उसकी ओर से कोरोना महामारी के चलते इसे ठीक करने में देरी हुई है। जिसके बाद कुछ दिन माइक्रो बायोलाजी लैब में इस पानी का कल्चर टेस्ट करने में लगे हैं। बताया कि आरओ से शुद्ध पानी ही इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है ऐसे में इसकी जांच अनिवार्य थी। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।