शहर के वार्ड 12 में खुले बर्तन में पड़े पानी को गिराती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
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कठुआ। डेंगू के डंक से पीड़ित जिला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार किए जा रहे प्रयास के बावजूद डेंगू के मामलों में कोई कमी नही आ रही है। मंगलवार को जिला में 4 और नए मामले आने के बाद अब जिले में डेंगू के पाए गए मरीजों की संख्या कुल 323 हो गई है।
ताजा मामले हीरानगर, गोविंदसर, लोगेट और शहर के वार्ड 4 से सामने आए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की चार अलग-अलग टीमें दिनभर शहर के वार्ड 12 और 13 में लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक करती रही। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल सदस्यों ने लोगों को अपने घरों के आसपास किसी भी तरह के पानी को जमा न होने देने की अपील की। वहीं वार्ड 2 और 9 में विभाग की टीमों ने डेंगू प्रभावित इलाकों में एंटी लारवा दवा का छिड़काव किया।
सबसे ज्यादा डेंगू से प्रभावित गोविंदसर गांव निवासी शशि शर्मा की माने तो उनके गांव में डेंगू के इतने ज्यादा मामले आने का मुख्य कारण आम लोगों में जागरूकता का अभाव है। शुरुआती दौर में मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का छिड़काव करवाया गया था। लेकिन इसके बाद भी लोगों ने अपने घरों के आसपास जमा होने वाले पानी को हटाने के लिए पहल नही की। वहीं गांव में सफाई व्यवस्था और नालियों का उचित प्रबंधन न होना डेंगू के प्रसार का कारण बना है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग के इंस्पेक्टर लोकेश राज का कहना है कि जिले में पहला डेंगू का मामला आने के बाद ही विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने के साथ प्रभावित क्षेत्र में डेंगू के लारवा को मारने वाली दवा कर छिड़काव कर रहा है। लेकिन इसके बाद भी मामले सामने आने का मुख्य कारण लोगों का इसके प्रति गंभीर नही होना रहा है। लोगों को खुद रिहायशी इलाकों के आसपास जमा होने वाले पानी का ध्यान रखना होगा।