जिला कठुआ में असुरक्षित, सड़े-गले और अस्वच्छ मांस एवं पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया है। यह आदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय श्रीनगर द्वारा अधिवक्ता मीर उमर की जनहित याचिका पर दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है। जिला स्तर पर गठित टीम की अध्यक्षता सहायक आयुक्त राजस्व कठुआ करेंगे, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं जनवितरण विभाग, पशुपालन विभाग और लीगल मिट्रोलॉजी विभाग के अधिकारी भी टीम में शामिल हैं। तहसील स्तर पर तहसीलदार, सप्लाई अधिकारी, खाद्य सुरक्षा निरीक्षक और पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।यह टीमें जिले भर में स्लॉटर हाउस, मांस की दुकानों, पोल्ट्री विक्रेताओं, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन वाहनों पर औचक निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और सार्वजनिक स्वास्थ्य कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई प्रतिष्ठान असुरक्षित खाद्य उत्पादों की बिक्री या परिवहन में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर जब्ती, जुर्माना या बंद करने की सिफारिश की जाएगी। इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
जिला मजिस्ट्रेट कठुआ के आदेशानुसार ये टीमें तत्काल प्रभाव से कार्य शुरू करेंगी और सुनिश्चित करेंगी कि जिले में किसी भी प्रकार के असुरक्षित खाद्य उत्पादों की बिक्री या परिवहन न हो। सभी संबंधित विभागों को इन टीमों को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।