कश्मीरी युवाओं पर दिए गए बयान के विरोध में रविवार को गांव छन्न मोरियां के युवाओं का गुस्सा नेकां संरक्षक फारूख अब्दुल्ला के खिलाफ फूट पड़ा। युवाओं ने नेकां नेता के और पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि अगर नेकां और उसके आला नेताओं को अलगाववादियों का ही समर्थन करना है, तो वह परिवार सहित पाकिस्तान चले जाएं। प्रदर्शनकारियों में शामिल शाम लाल, शिवम, सचिन परोच, रघु नंदन आदि ने कहा कि जब भी कश्मीर की बात आती है, तो नेकां सत्ता में न होने की स्थिति में अलगाववादियों का राग अलापती है। उन्होंने कहा कि साफ है कि अब्दुल्ला परिवार कश्मीर को अलगाववादियों को देना चाहती है और सत्ता में होने पर उनके लाभ लेना चाहती है।
उन्होंने कहा कि अभी तक नेकां की तरफ से शहीद हुए जवानों के लिए एक शब्द भी नहीं निकला है और राज्य को आतंक से सुरक्षित करने के लिए अपनी जान दे रहे शहीद जवानों को रोकने का काम करने वाले अलगाववादियों को वह जायज ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि जवानों को भी कभी गोली से डर नहीं लगता और वह हर समय टारगेट पर होते हैं। लेकिन, पत्थरबाजों और हथियार लेकर घूमने वालों को वह बिना डर के युवा बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर डर नहीं है उनमें, तो सीमा पर तैनात हों और देश की सुरक्षा करें न कि सुरक्षा करने वालों की राह में रोड़ा बनें। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई करे।