जो अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह एक बड़ी सौगात है। उद्घाटन समारोह में परियोजना निदेशक ने कहा कि नेशनल एजूकेशन पॉलिसी के तहत अर्ली चाइल्डहुड केयर एजूकेशन को प्रमोट करने के लिए 188 केजी ब्लॉक प्रदेश में बनाए जाएंगे। इनमें से एक यह भी बनकर तैयार हो गया है, जिसके लिए 65 लाख रुपये मंजूर हुए थे। इनके बनाने का उद्देश्य सिर्फ यही है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किसी तरह की सुविधा की कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मदद से 15 हजार आया भी नियुक्त की गई हैं। इस स्कूल में आया नहीं है, जिसके लिए 15 से 20 दिनों के भीतर आया की नियुक्ति के निर्देश भी दिए हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और बेहतर करने का हरसंभव प्रयास जारी है। केंद्र सरकार की ओर से यह प्रयास किए जा रहे हैं कि हर सरकारी स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़िया हो। वहीं नवनिर्मित ब्लॉक में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को देखकर बच्चे और स्थानीय लोग बेहद खुश दिखे। उन्होंने सरकार और विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसे देखकर लगता है कि यह किसी निजी स्कूल से कम नहीं है। इस मौके पर स्कूल के मुख्य अध्यापक संजय सवार, व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज गुप्ता और स्थानीय निवासी एवं समाज सेवक धीरज गुप्ता आदि मौजूद रहे।