कठुआ। जम्मू-कश्मीर में शिक्षा का अधिकार लागू हुए ढाई साल बीत गए हैं और इसके तहत आठवीं कक्षा तक की शिक्षा निशुल्क का प्रावधान है। लेकिन बनी शिक्षा जोन में अभी भी सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से फीस वसूली जा रही है। कोरोना महामारी के बीच शिक्षक जहां आदेश की जानकारी न होने का हवाला देते रहे, वहीं नए सत्र में भी फीस वसूलने का सिलसिला जारी है। ऐसा तब है जब शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संदर्भ में दो टूक निर्देश वर्ष 2020 में ही जारी कर दिए गए थे।
बनी शिक्षा जोन के सरकारी स्कूलों में वसूली जा रही फीस के मामले में अभिभावकों ने बताया कि उन्हें कुछ दिन पहले ही इस अधिकार को लेकर जानकारी मिली थी। कई स्कूलों के संज्ञान में मामला लाया गया, लेकिन फीस वसूली का सिलसिला लगातार जारी है। जोनल शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी आदेश न मिलने का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया है। उधर, शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले दो सत्र की फीस बैंकों में जमा करवाई जा चुकी है, जबकि इस बार अभी फीस की वसूली जारी है। ऐसे में आदेश मिलते ही फीस वापस कर दी जाएगी। आदेश को बनी शिक्षा जोन के तीन दर्जन से अधिक प्राइमरी स्कूलों में सीधे तौर पर लागू किया जाना था। जबकि अन्य उच्च स्कूलों में शिक्षा अर्जित कर रहे आठवीं तक के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए था। मगर सरकारी आदेश कैसे फाइलों में ही दब कर रह जाते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण बनी में देखने को मिला है।
आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से शिक्षा के अधिकार के तहत सरकारी स्कूल में फीस नहीं ली जा सकती है। इस संबंध में जोनल शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए थे। बनी शिक्षा जोन में नए अधिकारी ने पदभार संभाला है, ऐसे में उन्हें एक बार फिर निर्देश दे दिए जाएंगे। - प्रकाश लाल थापा, मुख्य शिक्षा अधिकारी कठुआ