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Kathua News: नियमाें को ठेंगा बताकर हाईवे पर फर्राटा भर रहे ई रिक्शा

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कठुआ। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के विस्तारीकरण और दिल्ली अमृतसर कटड़ा एक्सप्रेस-वे के काम के बीच नियमों के विरुद्ध चलने वाले ई रिक्शा हादसों का कारण बन रहे हैं। नवंबर में दो हादसों में पांच लोग घायल भी हो चुके हैं। हाईवे पर जगह जगह रूट डायवर्जन और सिंगल लेन से वाहनों की आवाजाही के बीच ई रिक्शा चालक लोगों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। इनमें शहर मेंं दौड़ने वाले ई रिक्शा के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से शहर को जोड़ने वाले हाईवे पर ये ई रिक्शा दिन भर दौड़ते देखे जा सकते हैं। ऐसा तब है जब विभाग सड़क सुरक्षा का हवाला देकर सड़क सुरक्षा माह बना रहा है। कठुआ और आसपास के इलाकों में कई ई रिक्शा चल रहे हैं। इससे हादसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। यातायात और परिवहन विभाग की नाक तले ई रिक्शा शहर के व्यस्ततम कॉलेज मार्ग से लेकर मुख्य बाजार और मुख्य सड़कों पर भी सरपट दौड़ते हैं। यहां तक कि हाईवे पर भी इन्हें दिनभर सरेआम देखा जा सकता है, जबकि इन्हें हाईवे पर चलाए जाने की अनुमति ही नहीं है। कठुआ शहर में डीजल ऑटो का विकल्प और शहर के अंदरूनी हिस्सों में यातायात का बेहतर साधन माने जा रहे ई रिक्शा कालीबड़ी चौक, राजकीय डिग्री कॉलेज, शहीदी चौक के साथ-साथ मुखर्जी चौक के मोड़ पर अब जाम की भी मुख्य वजह बनने लगे हैं। हद तो यह है कि पिछले कुछ समय से इन ई रिक्शा को अब स्कूली बच्चों को स्कूल लाने ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। सुबह और दोपहर के समय हाईवे पर बच्चों को बैठाकर ये सरपट दौड़ते पाए जा सकते हैं। सड़कों पर मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं हो रहा है। इस पर न तो आम लोग बोलते हैं और न ही संबंधित विभाग कोई बढ़ी कार्रवाई करता दिखाई दे रहा है। ई रिक्शा से दो हादसे हो चुके हैं। नवंबर में लोगेट मोड़ पर खड़े ट्रक पर ई रिक्शा टकरा गया था। इसमें तीन लोग घायल हुए थे। दूसरा हादसा रेलवे रोड पर हुआ था। यहां ई रिक्शा पलटने से दो महिलाएं घायल हो गई थीं।
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हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन अवैध है। समय-समय पर इसे रोकने के लिए कार्रवाई भी की जाती है। मौजूदा समय में हाईवे निर्माणाधीन है। ऐसे में और ज्यादा सजग रहने की जरूरत है। जल्द ही इस बारे में ई-रिक्शा यूनियन से बात की जाएगी। अगर इसके बाद भी ई-रिक्शा हाईवे पर आते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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-वीरेंद्र सिंह, डीटीआई कठुआ।
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