पानी के संकट से जूझ रहे गोविंदसर गांव के लोगों का गुस्सा वीरवार को फूट पड़ा। रेलवे स्टेशन के निकट बर्तनों सहित पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर जोरदार नारेबाजी की।
बच्चों और महिलाओं के साथ सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने डेढ़ घंटे तक सांकेतिक प्रदर्शन में मार्ग पर यातायात को ठप रखा। साथ ही विभाग को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम देते हुए प्रदर्शनकारियाें ने कहा कि यदि समस्या का हल नहीं किया गया तो वे हाईवे पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों में शामिल मक्खन लाल, बोधराज, शशिपाल, अर्जुन सिंह, पुष्पा देवी ने कहा कि दो सप्ताह से गांव के ट्यूबवेल की मोटर खराब पड़ी है। गोविंदसर में पानी के संकट को लेकर कई दफा विभागीय अफसरों से गुहार लगाई गई पर जिला मुख्यालय पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हर बार उन्हें टालने का प्रयास किया गया है। ऐसे में मजबूर होकर वे सड़क जाम करने का कदम उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं ने कहा कि विभाग मोबाइल टैंकर से पानी की आपूर्ति करवा रहा है जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
पानी के लिए रोजाना मारामारी का आलम होता है जिसकी वजह से अधिकतर घरों को पानी नहीं मिल पाता। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वे रेलवे स्टेशन से पानी लाने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभाग ने यदि अगले चौबीस घंटों के भीतर उनकी समस्या दूर नहीं की तो अगला प्रदर्शन हाईवे पर होगा। इसके लिए विभागीय लापरवाही खुद जिम्मेदार होगी।