बाबा बर्फानी के सेवादारों के लिए लखनपुर टोल प्लाजा पर एक विशेष चैनल खोल दिया गया है। लंगरों के वाहनों को बिना देरी के क्लीयरेंस देने के लिए यह कदम उठाया गया है। भोले के भक्तों के लिए भी जल्द ही एक चैनल खोलने की तैयारी की जा रही है।
सोमवार को भी लखनपुर के रास्ते राज्य में विभिन्न जगह लंगर लगाने के लिए लंगर कमेटियों के सेवादारों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। अब तक राज्य में पहुंचे लंगर वाहनों का आंकड़ा 113 को पार कर गया है। सोमवार को लंगर वाहनों का इस साल का सबसे बड़ा जत्था लखनपुर से होकर गुजरा। इसमें 32 वाहन शामिल थे। लखनपुर में आबकारी विभाग ने क्लीयरेंस के बाद इन्हें आगे जाने की अनुमति दी।
लंगर के वाहनों को जल्दी क्लीयरेंस देने लिए लखनपुर टोल प्लाजा पर विशेष चैनल खोल दिया गया है। डीसी आबकारी विभाग राजेश शर्मा ने बताया कि भक्तों के लिए भी जल्द ही एक अलग से चैनल खोल दिया जाएगा ताकि उन्हें इंतजार न करना पड़े। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की भी तैनाती की गई है।
राज्य का प्रवेशद्वार बाबा बर्फानी के रंग में रंगने लगा है। सप्ताह भर में भक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू हो जाएगा। इसे लेकर स्थानीय व्यवसायी तैयारियों में जुट गए हैं। विभिन्न विभागों ने भी तैयारियों को तेज कर दिया है। लखनपुर कसबे में बाबा बर्फानी के भक्तों के स्वागत के लिए होर्डिंग लग गए हैं। दुकानों को भी सजाया जाने लगा है। रंगबिरंगी रोशनी की चमक में लखनपुर कसबे को देर शाम सजा हुआ देखा जा सकता है।
मोहब्बत का पैगाम लेकर रियासत में पहुंच रहे भक्त ः बाबा बर्फानी के भक्त रियासत में प्यार, मोहब्बत और आस्था का पैगाम लेकर पहुंचते हैं। 22 वर्षों से अमरनाथ यात्रा पर आने वाले सेवार्थ पोषपत्री में लंगर लगाने वाले श्री शिव सेवक समिति दिल्ली के 275 सेवादार सोमवार को कठुआ पहुंचे।
शिव सेना जम्मू-कश्मीर और डोगरा फ्रंट की कठुआ इकाई द्वारा नौ वर्ष से रात के रुकने का इंतजाम किया जाता है। जिला अध्यक्ष नरेंद्र तांगड़ी ने बताया कि बाबा के भक्तों की आस्था सराहनीय है। उन्होंने कहा कि लखनपुर में लंगर वाहनों और श्रद्धालु वाहनों का टोल माफ किया जाना चाहिए। शिव सेना के राज्य प्रमुख अशोक गुप्ता ने भी सेवादारों के जत्थे का स्वागत किया।
श्री शिव सेवक समिति दिल्ली पोषपत्री के प्रमुख अशोक अग्रवाल ने बताया कि लंगर में भक्तों के लिए खानपान से लेकर, जूते, जुराबें, कपड़ों और दवाओं की भी व्यवस्था की जाती है। यात्रियों की तकलीफों को हल करने लिए हर साल नए इंतजाम किए जाते हैं।