मोटर बोट को नहर में उतारते पुलिस कर्मी
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कश्मीर में 2014 में आई बाढ़ के बाद इस वर्ष ऐसी किसी स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए पुलिस के दस्ते में दो मोटर बोट शामिल कर दी गई हैं। सोमवार को पुलिस कर्मचारियों को मोटर बोट चलाने की ट्रेनिंग दी गई।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौसम विभाग द्वारा मानसून सीजन में बारिश अधिक होने की भविष्यवाणी के बाद एनडीआरएफ ने पुलिस को हर जिले में दो मोटर बोट दी हैं। कठुआ जिले में एक बोटशहर और आसपास के इलाकों के लिए रखी गई है, जबकि दूसरी रंजीत सागर झील के लिए रखी गई है। सोमवार को शहर की रावी-तवी नहर में पुलिस कर्मचारियों को मोटर बोट चलाने की ट्रेनिंग दी गई।
जिला पुलिस प्रमुख नीवा जैन ने बताया कि आपदा के दौरान सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और पुलिस मिलकर काम करती है। कई
बार मोटर बोट की कमी भी खलती है। इस वर्ष दो मोटर बोट मिलने से कमी को पूरा किया गया है।
आपदा या फिर आपातकालीन स्थिति में किसी स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर दल के साथ बोट को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि जिला कठुआ में रावी दरिया, उज्ज दरिया, बेई नाला, तरनाह नाले में अकसर बाढ़ आने से कई लोग फंसजाते हैं। इन्हें निकालने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। बोट के आने से पुलिस विभाग को इन मुश्किलों में निपटने की उम्मीद है।