बिलावर। उपमंडल की सड़कों पर इन दिनों चलने वाले वाहन धड़ल्ले से प्रेशर हॉर्न का उपयोग कर रहे हैं। सरकार की ओर से प्रेशर हॉर्न के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं और धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वरिष्ठ नागरिक और पूर्व सरपंच ताराचंद ने बताया के उपमंडल की सड़कों पर चलने वाले ज्यादातर वाहन इन दिनों ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं और धड़ल्ले से सड़कों पर प्रेशर हॉर्न का उपयोग किया जा रहा है। प्रेशर हॉर्न के प्रयोग पर पूर्णरूप से रोक लगनी चाहिए।
बिलावर निवासी सुधीर शर्मा ने बताया कि कई वर्ष पूर्व सरकार की ओर से प्रेशर हॉर्न के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन आबादी वाले स्थानों पर वाहन चालक धड़ल्ले से प्रेशर हॉर्न का उपयोग करते हुए दिखाई देते हैं जिससे आमजन को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। देवल निवासी सुरेंद्र कुमार ने कहा के जिन लोगों के घर सड़क के किनारे हैं उन्हें ध्वनि प्रदूषण की वजह से काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। वरिष्ठ नागरिक सुदर्शन कुमार ने बताया के कई दोपहिया वाहन चालक भी इलाके में प्रेशर हार्न का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है और पैदल चलने वाले राहगीर कई बार प्रेशर हॉर्न के प्रयोग से डर जाते हैं। राजकुमार गुप्ता ने बताया के इलाके में चलने वाले टिप्पर और डंपर भी प्रेशर हॉर्न बजाने में किसी से पीछे नहीं है, जिसके कारण इलाके में आए दिन में ध्वनि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। लोगों ने ट्रैफिक विभाग से मांग की है कि जो वाहन चालक प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें जुर्माना किया जाए, ताकि इलाके में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण से लोगों को निजात मिल सके। लोगों ने इस संबंध में संबंधित विभाग से जल्द से जल्द संज्ञान लेने की मांग की है।