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चार पंचायतों को बसोहली विस क्षेत्र में जोड़े जाने का विरोध

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बिलावर। जम्मू कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया अभी शुरू ही हुई है, और सरकार खुद में ही नए विधानसभा क्षेत्रों का खाका तैयार करने में जुटी है। सरकार ने फिलहाल आधिकारिक रूप से योजना का कोई खुलासा भी नहीं किया है, लेकिन उससे पहले लोगों ने अपनी सहूलियत के हिसाब से इस योजना का विरोध करना शुरू कर दिया है।
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शुक्रवार को चार पंचायतों धरालता, पल्लन, परनाल और मुनि पंचायत के प्रतिनिधियों ने परनाला चौक पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया, जिसमें मांग रखी गई कि इन चार पंचायतों को बसोहली विधानसभा क्षेत्र में शामिल न किया जाए। भाजपा मंडल बिलावर के प्रधान सेवानिवृत्त डीएसपी पूर्णचंद के नेतृत्व में सुबह 10 बजे दर्जनों लोग इकट्ठे हुए। उन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए सरकार को चेताया कि अगर इन चार पंचायतों को बसोहली विस क्षेत्र के साथ जोड़ा गया तो लोग सरकार के इस फैसले के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर पूर्णचंद ने कहा कि बिलावर से इन पंचायतों की दूरी सात से आठ किलोमीटर है। और, अगर पैदल रास्ते मुख्यालय पहुंचना हो तो लोगों को एक घंटा लगता है। हवाई मार्ग से मुख्यालय मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और बसोहली उपमंडल मुख्यालय 45 किलोमीटर की दूरी पर है। इन चार पंचायतों से बसोहली विस क्षेत्र बहुत दूर पड़ता है, इसलिए लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन पंचायतों को बिलावर विस क्षेत्र में ही रखा जाए।
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इस अवसर पर कई पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर सरकार ने इन चार पंचायतों को परिसीमन के बाद बसहोली विस क्षेत्र के साथ जोड़ा तो इलाके के कई पंचायतों के लोग सड़क पर उतर कर इसका विरोध करेंगे। प्रदर्शन में सरपंच विरेंद्र कुमार, कई पंचायतों के प्रतिनिधियों सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
बता दें कि 30 जून को इन चार पंचायतों के प्रतिनिधियों ने एक बैठक का आयोजन किया था, जिसमें एक प्रस्ताव पारित किया गया कि इन चार पंचायतों को बिलावर विस में ही रखा जाए। इसका ज्ञापन उन्होंने डिविजनल कमिश्नर डॉ. राघव लंगर, जिला उपायुक्त कठुआ और एडीसी को सौंपा था।
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