कठुआ। राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ के एक छात्र द्वारा किए आत्महत्या के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए प्रोफेसर की रिहाई की मांग की गई है। जम्मू कश्मीर कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन जम्मू विंग के आह्वान पर शिक्षण स्टाफ ने राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में भी शिक्षण गतिविधियों को ठप रखते हुए कलम बंद हड़ताल की। शिक्षण स्टाफ का कहना है कि कठुआ के राजकीय डिग्री कॉलेज के छात्र की 23 मार्च को आत्महत्या का मामला दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए उनके सहयोगी प्रोफेसर की इसमें कोई गलती नहीं है, इसलिए उन्हें छोड़ा जाए।
शिक्षण स्टाफ ने इस बात पर बल दिया कि शिक्षक छात्रों को अपने परिवार के सदस्यों के रूप में मानते हैं और हमेशा उनके कल्याण और उत्थान की मांग करते हैं। बताया कि छात्र द्वारा की गई आत्महत्या ने पूरे शिक्षक बिरादरी को झकझोर कर रख दिया है और परिवार के प्रति उनकी सांत्वना है। लेकिन छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या के लिए शिक्षक की गिरफ्तारी से कॉलेज के शिक्षकों के बीच सदमे की लहरें हैं। बताया कि उपस्थिति, शिक्षण, मूल्यांकन, अनुशासन बनाए रखने, परीक्षा जैसे नियमित कर्तव्यों का निर्वहन में यह मामला अब उन्हें कमजोर बना सकता है और उन्हें कठोर दंड के अधीन कर सकता है। कॉलेज के शिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि अपने नियमित कर्तव्यों के निर्वहन के लिए शिक्षक की गिरफ्तारी ने उन्हें हतोत्साहित किया है और उन्हें डरा दिया है। कॉलेज के शिक्षकों ने अपने सहयोगी की तत्काल रिहाई की अपील की, जो पिछले 13 दिनों से पुलिस हिरासत में है। हड़ताल के दौरान मुख्य रूप से डा. सुमित दुबे, डा. दीपशिखा शर्मा और प्रो.अमित दुआ मौजूद रहे।