संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। उपायुक्त राजेश शर्मा की अध्यक्षता में गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) अधिनियम के तहत जिला उपयुक्त प्राधिकरण समिति (डीएसी) की बैठक आयोजित की गई। इसके बाद राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की समीक्षा बैठक भी संपन्न हुई।
समिति को अवगत कराया गया कि जिले में वर्तमान में 20 अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं, जिनमें 6 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और 14 निजी संस्थानों में चल रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रैना ने बताया कि पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें लगातार अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। बैठक में अवैध लिंग निर्धारण और कदाचार पर रोक लगाने के लिए निगरानी मजबूत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर डिकॉय ऑपरेशन (गुप्त जांच अभियान) चलाने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए।
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40 ग्राम पंचायतों को किया गया तंबाकू मुक्त घोषित
उपायुक्त ने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। जिसमें 40 ग्राम पंचायतों को तंबाकू मुक्त घोषित करने की दिशा में हुई प्रगति शामिल रही। बीडीओ मुख्यालय ने अवगत कराया कि यह प्रक्रिया जारी है और इसे तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू के उपयोग के खिलाफ सख्त प्रवर्तन अभियान चलाने और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, शिक्षण संस्थानों में टोबैको-फ्री एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन ऐप के उपयोग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय से तंबाकू नियंत्रण के लक्ष्यों को हासिल करने पर जोर दिया। बैठक में एएसपी सुनील केसर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज नागपाल और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।