रंजीत सागर बांध परियोजना से प्रभावित हुए डैम ओस्तियों ने बुधवार को परियोजना के तहत किए गए वादे को पूरा न करने पर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
जिला मतदान सेल के बाहर एकत्रित होकर प्रभावितों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि एक तरफ तो उन्हें परियोजना के कारण दरबदर होना पड़ रहा है दूसरे पंजाब सरकार उन्हें बार-बार औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए चक्कर कटवा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने डैम प्रभावितों के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच हुए समझौता को लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए तेजिंदर सिंह ने कहा कि दोनों राज्यों की सरकारों ने मिलकर 1802 डैम प्रभावित परिवारों के लिए प्रति परिवार एक सदस्य को नौकरी देने के साथ मुआवजा देने की बात कही थी लेकिन 789 परिवारों को रोजगार मिला है, बकी बचे परिवारों के लोगों को नौकरियां नहीं दी गई।
इसके साथ ही इन परिवारों को मुआवजा भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जब भी अधिकारियों से पूछा जाता है तो यही जवाब मिलता है कि अब नीति बदल गई है। ऐसे में यह उनके साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पास आवेदन करते हैं तो वह कहते हैं कि कागजी कार्रवाई अंग्रेजी भाषा में हो। ऐसे में यह डैम प्रभावितों को प्रताड़ित करने का तरीका माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को रंजीत सागर डैम प्रोेजेक्ट के कलेक्टर ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर सौंप दी है लेकिन सरकार अपना काम नियम के मुताबिक नहीं कर रही हैं।
सेल के बाहर नारेबाजी की आवाज सुनकर और प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए सहायक आयुक्त राजस्व सूरज प्रकाश रकवाल ने प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया और इस संबंध में उचित मदद का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों में राजिंद्र सिंह, जोगिंदर सिंह, सतपाल सिंह, जाफूर अहमद, मोहम्मद शफी आदि भी उपस्थित रहे।