अगस्त महीने के दौरान हुई भारी बारिश से जिले में कारोबार लगभग ठंडा पड़ गया था। बारिश के थमने के बाद इसके पटरी पर आने के अनुमान लगाए जा रहे थे। लेकिन रविवार को सुबह से शुरू हुई बारिश से मुखर्जी चौक में लगने वाला संडे बाजार मंदा पड़ गया। सुबह लगने वाले इस बाजार में रिमझिम के कारण ग्राहकों की उपस्थिति नहीं के बराबर दिखाई दी। हालांकि कपड़ा, जूते-चप्पल व अन्य घरेलू उपयोग की दुकानों सुबह ही खुल गई थीं।
रविवार को मौसम खराब होने के बावजूद दर्जनों अस्थायी दुकानों पर कपड़े, जूते, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और बच्चों के खिलौने जैसे उत्पाद की दुकानें सज गईं थीं। लेकिन दोपहर एक बजे तक लगातार बारिश के कारण ग्राहक नहीं दिखे। कुछ दुकानदार सामानों को तिरपाल से ढककर मौसम साफ होने का इंतजार करते रहे। जबकि तमाम दुकानदार अपना सामान समेट कर घर चले गए।
कपड़ों का कारोबार करने वाली गीता देवी ने बताया कि सप्ताह में एक दिन लगने वाले इस बाजार से उन्हें काफी उम्मीद रहती है। वह और उनका परिवार पंजाब से लाए गए विदेशी कपड़ों को यहां बेचकर अपने सप्ताह भर के राशन का इंतजाम कर लेता है। इस बार अगस्त महीने में काफी बारिश हुई, जिससे कारोबार न के बराबर ही रहा। शनिवार को धूप रहने से रविवार को बाजार में रौनक होने की उम्मीद थी। लेकिन मौसम फिर से बिगड़ गया। इससे बाजार में दुकान लगाने वाले सभी लोग निराश हैं।
बता दें कि जिला मुख्यालय से सटे औद्योगिक क्षेत्रों में बीते कुछ वर्षों में हुए विकास के साथ ही बाजारों की संरचना में भी बदलाव हुआ है। मजदूर वर्ग की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए शहर के मुखर्जी चौक पर संडे बाजार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह बाजार अब न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण उपभोक्ताओं की जरूरतों को भी पूरा कर रहा है।