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धूमधाम से मनाया गया लोहड़ी का त्योहार

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पूरे जिले में लोहड़ी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने जहां घर-घर जाकर लोहड़ी मांगने की परंपरा को निभाया, वहीं बाजारों में मूंगफली, गज्जक, रेवड़ी, खजूर आदि की जमकर खरीदारी हुई। शाम के समय परंपरा अनुसार अग्नि को अर्घ्य दिया गया। इस मौके पर सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की गई।
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डुग्गर का यह महत्वपूर्ण त्योहार बच्चों में असर दिखाता नजर आया। पहले लोहड़ी पर बड़े-बड़े छज्जे तैयार किए जाते थे। बच्चे सुबह से ही लोहड़ी मांगने के लिए निकलते थे। अब छज्जे का साइज कम हो चुका है। लोहड़ी मांगने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आई है। ग्रामीण इलाकों में हालांकि लोहड़ी आज भी अस्तित्व बचाए हुए है। मूंगफली, चिवड़ा और लोहड़ी दहन के लिए युवाओं ने लकड़ियां एकत्रित कीं। शाम ढलते ही जगह-जगह लोहड़ी दहन का सिलसिला शुरू हो गया। परिवार के सदस्यों ने एकजुट होकर मंत्रोचारण के बीच खुशहाली की कामना की। इस दौरान लोहड़ी के पारंपरिक मिष्ठान का भी जमकर आनंद लिया गया।
बनी में भी लोहड़ी की रही धूम
बनी। क्षेत्र मे लोहड़ी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह से ही कसबे के बाजारो मे भारी संख्या मे ग्राहकों की भीड रही। इस दौरान रेवडियों, मूंगफंली की जमकर खरीदारी हुई। नव विवाहित जोड़ों और नवजात बच्चों की लोहड़ी और भी खास रही। जहां एक ओर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा वहीं मिठाइयां आदि वितरित किए गए। लोगों ने बताया कि प्यार और भाईचारे से मिलकर नफरत और दुख को दहन कर देने का नाम ही लोहड़ी है। कसबे में बच्चों की टोलियां लोहड़ी मांगने के लिए लोगों के घरों में पहुंची, जिन्हें घर के बडे़ बुजुर्गों द्वारा बधाई के रूप मे पैसै या खाने की वस्तुएं दी र्गइं। संवाद
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