हीरानगर। राजबाग थाने के अंतर्गत पड़ते चड़वाल कोटपुन्नू रूट पर यातायात नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे टिप्पर जानलेवा साबित हो रहे हैं। वीरवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे इस रूट पर चड़वाल की तरफ से तेज गति से आ रहा एक टिप्पर कोटपुन्नू के दोलियां जट्टा में नगरी की तरफ से आ रही एक बाइक को रौंदते हुए निकला, जिससे बाइक पर सवार बाप बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान ब्यास देव पुत्र हरिदास निवासी नगरी और उनके बेटे विशाल कुमार के रूप में हुई है।
हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क पर धरना देकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने कहा कई बार मांग करने के बावजूद इस रूट पर चलने वाले ओवर स्पीड, ओवरलोड टिप्परों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में टिप्पर चालक करीब 50 मीटर तक बाइक को घसीटता हुआ ले गया। बाद में टिप्पर कोटपुन्नू पुलिस चौकी के नजदीक लगाकर फरार हो गया।
स्थानीय पूर्व सरपंच विनय शर्मा ने कहा ओवरलोड और ओवर स्पीड टिप्परों की आवाजाही से इस रूट पर पिछले एक दो वर्षों में आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। तब से लोग लगातार इस रूट पर टिप्परों की आवाजाही दिन में बंद करने की मांग करते आ रहे हैं। बैक टू विलेज, ब्लॉक दिवस, जनता दरबार जैसे सरकारी कार्यक्रमों में भी यह मुद्दा जोर शोर से उठाया लेकिन कोई असर देखने को नहीं मिला। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तत्कालीन मंडल आयुक्त राघव लंगर से गुहार लगाने पर दिन में इन वाहनों की आवाजाही बंद हुई थी, जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश भी लगा था लेकिन अब पिछले करीब एक वर्ष से यहां टिप्पर चलने वाले पूरी तरह से बेखौफ हो गए हैं। इससे साबित होता है कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से यह सब चल रहा है।
उन्होंने कहा अब लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है, इसलिए अब किसी भी कीमत पर इस रूट पर हम दिन में टिप्परों की आवाजाही नहीं होने देंगे। करीब पांच घंटे तक चले धरने के बाद तहसीलदार लेखराज और बॉर्डर डीएसपी धीरज कटोच मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की। लोगों ने साफ तौर पर कहा कि दिन में वे इस रूट पर कोई भी टिप्पर नहीं चलने देंगे। बॉर्डर डीएसपी ने आश्वासन दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले टिप्पर चालकों पर सख्ती और बढ़ाई जाएगी और इस रूट पर दिन में टिप्पर न चलें, इसको लेकर उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।
उनके इस आश्वासन के बाद धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि वे पांच दिन तक दिन में टिप्पर नहीं चलने देंगे। उसके बाद अगर पुलिस प्रशासन ने पक्के तौर पर दिन में उनकी आवाजाही बंद नहीं कराई तो छठे दिन फिर वे जिला मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। इसके बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कड़ा रुख अपनाएंगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर टिप्पर जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।