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Kathua News: सरकारी जमीन को खाली करने के जिला प्रशासन के नोटिस पर कोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। जिला प्रशासन की ओर से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले के वालों के खिलाफ जारी नोटिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के मुताबिक जब तक अंतिम सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक वाद की संपत्ति की सुरक्षा तथा संरक्षण के लिए यथास्थिति रखी जाए।
इसके अलावा कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का घास चराई भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार मढ़ीन की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। याचिकाकर्ता मोहम्मद शफी और अन्य की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन (सीजेएम) की अदालत में याचिका दायर की गई। इसमें कहा गया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से खसरा नंबर 393/322 (23 कनाल और छह मरला), 394/322 (आठ कनाल और सात मरला) और 395/322 (25 कनाल और दो मरला) वाली भूमि पर रह रहे हैं। जो उन्हें केंद्रीय सीमा अधिनियम के तहत मिली हुई है। जिसका स्वामित्व 14 जुलाई 2023 में परिपक्व हो चुका है। उन्हें इस भूमि से बेदखल नहीं किया जा सकता है क्योंकि इस पर उनके आवास के अलावा मवेशियों के शेड और कुल्ले बने हुए हैं।
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इसके अलावा वादी उस जमीन पर खेती भी करते हैं। सरकारी वकीलों ने इसका विरोध किया और तर्क प्रस्तुत करने के लिए कोर्ट से समय मांगा गया। जिसे कोर्ट ने मान लिया और आगामी 5 फरवरी को सुनवाई तय की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि जब तक वर्तमान आवेदन में अंतिम तर्क प्रस्तुत नहीं हो जाते, तब तक वाद की संपत्ति की सुरक्षा तथा संरक्षण के लिए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया जाता है।
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