.......अदालत से ... का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने किशोरी के यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के मुताबिक जमानत के लिए कोर्ट ने आरोपी को एक लाख का व्यक्तिगत बांड सहित एक-एक लाख के दो जमानती पेश करने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त को निर्देश दिया है कि वह नियमित रूप से मुकदमे की कार्यवाही में उपस्थित रहे और बिना अदालत की अनुमति से जिले की सीमा से बाहर न जाए। आरोपी किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों के संपर्क में न आए। अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है तो अभियोजन पक्ष उसकी जमानत रद्द करवाने की मांग कर सकता है।
कोर्ट में पुलिस की ओर से दायर रिपोर्ट के मुताबिक मामला वर्ष 2023 का है। आरोपी योग राज पर आरोप है कि उसने नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 354-ए/354-बी और पोस्को अधिनियम की धारा 8 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। आरोपी के वकील की ओर से बीते 5 जनवरी को जमानत अर्जी दी गई।
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने आरोप लगाया कि उसके मुव्वकिल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। तर्क दिया कि आरोपी का अपने ही परिवार के साथ संपत्ति विवाद चल रहा है। अभियोक्ता की मां की मृत्यु हो चुकी है और वह संवेदनशील दिमाग की नाबालिग बच्ची है। जिसके चलते आरोपी को मामले में फंसाने के लिए अभियोक्ता के परिवार वालों ने बच्ची को राजी कर लिया गया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि कथित घटना की तारीख को आरोपी वहां मौजूद ही नहीं था। वह श्रम व्यवसाय के सिलसिले में बाहर गया हुआ था।
आरोपी के वकील ने कहा कि वह (आरोपी) 14 महीने से हिरासत में है और मामले की कार्यवाही निकट भविष्य में समाप्त होने की संभावना भी नहीं है। लिहाजा आरोपी को जमानत दी जाए। आरोपी की जमानत का अभियोजन पक्ष की ओर विरोध किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दे दी।