कठुआ। जम्मू कश्मीर में किसानों की लगातार हो रही अनदेखी पर जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रोष जताया है। सोमवार को जिला प्रधान पंकज डोगरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय परिसर केे समक्ष जोरदार प्रदर्शन करते सरकार से किसानों की अनदेखी को बंद किए जाने की मांग की।
इस मौके पर पंकज डोगरा ने कहा कि कृषि प्रधान देश में केंद्र की मौजूदा सरकार किसानों के साथ लगातार छल करती आ रही है। हालांकि सरकार की ओर से गत वर्ष पारित कृषि कानूनों को लेकर उसे मुंह की खानी पड़ी है, लेकिन इस सबके बावजूद सरकार ने अपने रवैए में कोई बदलाव नही किया है। उन्होंने जिले में धान खरीद मंडियों को बंद किए जाने पर रोष जताते हुए कहा कि सरकार के तानाशाही फैसले के कारण जिला भर में किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि अभी भी जिला में 30 प्रतिशत से ज्यादा किसान अपनी फसल को मंडियों तक नही पहुंचा पाए हैं। वहीं काफी किसानों को धान अब भी मंडियों में खुले आसमान में पड़ा है। अगर इस दौरान बारिश हो गई तो उनकी पूरी फसल तबाह हो सकती है।
डोगरा ने कहा कि जिले में धान की खरीद की जमीनी स्थिति को देखते हुए डीसी की ओर से गत 27 नवंबर को पत्र लिखकर खरीद की समय सीमा को बढ़ाने की सिफारिश भी की। इसके बावजूद अभी तक किसानों से जुड़े इस मसले पर गंभीरता नही दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि एक ओर जिले के किसान अपनी पूरे सीजन की फसल को लेकर चिंतित हैं, वहीं गत दिनों प्रधान सचिव नवीन चौधरी कठुआ में आने के बावूजद इस विषय पर कुछ नही बोले हैं। जिससे लगता है कि सरकार किसानों की समस्या के प्रति गंभीर नही है। वहीं उन्होंने किसानों से जमीन वापस लिए जाने के फैसले को नाजायज बताते हुए कहा कि सरकार को इस मसले पर भी गंभीरता से विचार कर किसानों के हक में ही फैसला जल्द लेना होगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला पूरे जम्मू कश्मीर पर लागू होता है लेकिन अन्य जिलों में प्रशासन द्वारा कार्रवाई नही की जा रही है। सिर्फ कठुआ में किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के इन्हीं मसलों को लेकर उन्होंने आज अपना ज्ञापन डीसी कठुआ के माध्यम से उपराज्यपाल को भेजा है। ताकि किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण हो। अगर ऐसा नही होता तो आने वाले दिनों में सरकार को जम्मू कश्मीर में एक नए किसान आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा।
प्रदर्शन में रविंद्र पाल सिंह, करण सिंह, विशु अंदोत्रा, नरेंद्र खजूरिया, सुभाष चंद्र अरुण मेहता, बोध राज, काजल राजपूत, पुष्पा देवी अब्दुल रशीद आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।