जिले में नशे की लत में डूबे युवाओं को लत से दूर करने के लिए पुलिस प्रशासन जिले भर में कमेटियों का गठन करेगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने योजना बनाने पर कवायद शुरू कर दी है।
कवायद के तहत जिले के थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अगर उनके क्षेत्र में नशे की लत में डूबे व्यक्तियों की तलाश की जाए और उन्हें चिह्नित किया जाए।
ताकि जिले में कितने लोग इस लत से पीड़ित हैं इसका पता चल सके। इसके बाद हर थाने में कमेटी बनाई जाएगी जो ऐसे लोगों की लत छुड़वाने के लिए कार्य करेगी।
साथ ही लत में पूरी तरह से डूब चुके पीड़ितों को जम्मू के ड्रग्स डिएडिक्शन केंद्र भी भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिले में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पुलिस नशे के कारोबार को रोकने के लिए मानवीय तरीके से भी कार्य करेगी।
जिला भर में अपनी तरह का यह पहला अभियान है जिस अमल में लाने के लिए करीब एक महीने तक का समय लगेगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस योजना के तहत पुलिस एक साथ दो बिंदुओं पर कार्य करेगी। पहला तो नशे की लत को दूर करने के प्रयास से पुलिस लोगों तक अपना मानवीय चेहरा भी पहुंचाएगी।
दूसरा इस लत से जुड़े लोगों को डिएडिक्ट कर उनसे नशे के कारोबार के ठिकानों की भी जानकारी हासिल करेगी। यानी पुलिस नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने के मूड में है।
जिला पुलिस प्रमुख पवन परिहार ने बताया कि अभी तक केवल थाना प्रभारियों को संख्या का पता लगाने के लिए कहा गया।
इसके बाद योजना के तहत सभी थानों में एक कमेटी गठित की जाएगी जो नशे की लत में डूब चुके लोगों को डिएडिक्ट करने की कोशिश करेगी। इसके तहत जम्मू केंद्र में भी लोगों को भेजा जाएगा। पूरा इलाज नि:शुल्क होगा। नशे को खत्म करने के लिए जिला में ऐसा पहला प्रयास है।