एक तरफ यहां भाजपा दस जनवरी को बिलावर मेें अपनी महारैली को सफल बनाने के लिए जुट गई है। वहीं दूसरी तरफ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पार्टी में उपेक्षा से नाराज होकर बगावत पर उतर आए हैं।
उन्होंने यहां तक ऐलान कर दिया है कि वे बिलावर में पार्टी के उम्मीदवारों को हराने के लिए अलग से उम्मीदवार उतारेंगे। इस संबंध में बागी नेताओं ने वरिष्ठ नेता कस्तूरी लाल बसोत्रा की अध्यक्षता में एक बैठक की।
बैठक के बाद बसोत्रा ने बताया कि जब से पार्टी केंद्र और प्रदेश में सत्ता में आई है। पार्टी के बडे़ नेताओं की न केवल अनदेखी कर रहे हैं बल्कि जानबूझ कर उनका तिरस्कार किया जा रहा है।
जिन लोगों ने अपना पूरा जीवन पार्टी के लिए दे दिया, आज उनसे ज्यादा तरजीह अन्य पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं को दी जा रही है।
बसोत्रा ने बताया कि वे कई सालों से पार्टी से जुडे़ हैं और तीन बार जेल जा चुके हैं। हर चुनाव में उन्होंने व उनके कई साथियों ने तन मन और धन से पार्टी का प्रचार किया, लेकिन जिन लोगों ने भाजपा का हमेशा विरोध किया। वे मौजूदा समय में पार्टी के सर्वेसर्वा बने हुए हैं।
बसोत्रा ने बताया कि पिछले दिनों भाजपा ने जम्मू में अपने वरिष्ठ नेताओं को सम्मानित किया। इस दौरान ग्रामीण आंचल के नेताओं को नजरंदाज किया गया। उन्होंने बताया कि जब भी पार्टी की कोई बैठक होती है, उन्हें सूचित तक नहीं किया जाता। जब कोई मंत्री नगर में आता है, तब भी उन्हें नहीं बताया जाता। ऐसा लगता है कि पार्टी पर केवल चंद लोगों का ही कब्जा हो गया है।
उन्होंने कहा कि यहां उन जैसे बुजुर्ग और वरिष्ठ नेता की कोई इज्जत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी को सबक सिखाने के लिए उनके साथी आने वाले निकाय चुनाव में अपने प्रत्याशी भाजपा के विरुद्ध मैदान में उतारेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के बडे़ नेताओं और मंत्रियों को सत्ता का नशा हो गया है और वे कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं। जो पार्टी के लिए आने वाले दिनों में विनाशकारी सिद्ध होगी।