संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 10 में श्रीराधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथा के चौथे दिन पंडाल में भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। जिसका दर्शन पाकर वहां मौजूद भक्त मंत्रमुग्ध हो गए।
इस अवसर पर भगवत भूषण दादू दयाल शास्त्री महाराज ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा जी व भगवान शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा।
उन्होंने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्ण अवतार धारण किया तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व महादेव भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो सब देवी-देवता भी वहां अवश्य आते हैं।