कठुआ। शहर के शिवानगर स्थित अद्धैत स्वरूप आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भागवत कथा श्रवण कर रहे हैं। रविवार को तीसरे दिन कथाव्यास संत सत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को धर्म और संस्कार का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म दुर्लभ है, जो हमें 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मिलता है। यह जन्म हमारे लिए ईश्वर प्राप्ति का अनमोल अवसर है जिसे सत्कर्म के माध्यम से सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य योनि में आकर भी अगर हम अज्ञानता में अपना जीवन व्यर्थ गवां रहे हैं तो यह जीवन निष्फल हो जाएगा। इसके लिए हमें सत्कर्म और जन कल्याण का मार्ग अपनाते हुए प्रभु की भक्ति में लीन होना पड़ेगा। इससे हमारा कल्याण होगा।
कथा व्यास ने भक्तों को बताया कि मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते हैं। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया। उन्होंने जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। लिहाजा अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।