बारिश के बाद ज्यादातर इलाकों के किसान धान की रोपाई के काम में जुट गए हैं। मंगलवार को ज्यादातर गांवों में किसानों को अपने परिवार सहित खेतों में धान की रोपाई करते हुए देखा गया।
किसान रतन चंद ने बताया कि इलाके के ज्यादातर किसान फसलें लगाने के लिए सिर्फ बारिश के पानी पर ही निर्भर हैं। किसान सुदर्शन सिंह ने बताया कि सोमवार को हुई तेज बारिश से धान की रोपाई करने के लिए खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है।
किसान गुलशन सिंह ने कहा कि धान की रोपाई का काम पूरा करने के लिए अभी एक सप्ताह और लग जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर और बारिश होती है, तो किसान एक हफ्ते में धान की रोपाई के काम को पूरा कर लेंगे।
उपमंडल के पांच फीसदी इलाके में ही सरकार की ओर से सिंचाई की व्यवस्था की गई है, 95 फीसदी इलाके के किसानों केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। गौरतलब है जिन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था है उन इलाकों के किसानों ने 20 दिन पूर्व रोपाई के काम को पूरा कर लिया था।