गांव में खुलने वाली खराब की दुकान को शिफ्ट करने की मांग को लेकर डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन क?
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कठुआ। घाटी पंचायत के लिए जारी हुए शराब के ठेके को मेरथ पंचायत में खोले जाने का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को ग्रामीणों ने जहां जिला सचिवालय के बाहर नोरबाजी कर प्रदर्शन किया, वहीं शराब के ठेके के बाहर देर शाम तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। हालात यह थे कि मौके पर खुली शराब की दुकान में कानून व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई।
सोमवार को समाजसेवी रवैल सिंह की अध्यक्षता में जिला सचिवालय पहुुंचे ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाए कि शराब का ठेका घाटी पंचायत के लिए जारी हुआ, जबकि राजस्व विभाग ने मेरथ के जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से ठेके को मेरथ पंचायत में खोलने की अनुमति दे दी। लगातार ग्रामीणों की ओर से किए जा रहे विरोध के बाद भी प्रशासन आंखें मूूंदकर बैठा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल कुलदीप सिंह ने बताया कि शराब की दुकान घाटी के लिए आई थी लेकिन मेरथ पंचायत में खुल रही है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल इस शराब की दुकान को बंद किया जाए। इससे क्षेत्र में माहौल खराब होने जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाए हैं कि शराब की दुकान से कुछ ही मीटर की दूरी पर मंदिर, स्कूल भी हैं। ऐसे में यहां बच्चों पर भी बुरा असर पड़ेगा। आरोप लगाया कि विरोध के बाद भी प्रशासन जानबूझ कर शराब की दुकानों को खुलवा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दुकानें खुलने को लेकर प्रशासन भी अजीब तर्क दे रहा है। लोगों की सुनी ही नहीं जा रही। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दुकान को बंद न करवाया गया तो इसके विरोध में वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेवारी पूरी तरह से प्रशासन व सरकार की होगी।
उधर, बाद दोपहर शराब की दुकान के बाहर कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते ही प्रशासन की ओर से पुलिस और मजिस्ट्रेट को नियुक्ति कर दिया गया। अंतिम समाचार मिलने तक क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।