21 मार्च को जिले में चलने वाले तमाम यात्री वाहनों के पहिए थमे रहेंगे। राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा धार्मिक यात्रा के साथ अन्य स्थितियों में यात्री वाहनों को जारी किए जाने वाले अस्थायी रूट परमिट पर प्रतिबंध के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने चक्काजाम रखने का निर्णय लिया है। यह हड़ताल एक दिवसीय है, लेकिन यदि मांग पूरी न हुई तो इसे अनिश्चितकालीन करने की भी पूरी तैयारी है।
अस्थायी रूट परमिट पर परिवहन आयुक्त के प्रतिबंध के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। जम्मू कठुआ बस यूनियन के साथ बनिहाल रूट की बस सर्विस को भी 21 मार्च की टोकन हड़ताल में ठप रखने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ मिनी बस, आटो, टैंपो ट्रेवलर, टैक्सी सहित जिले के साढ़े तीन हजार वाहनों की सोमवार को यात्री सवारी नहीं कर पाएंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए यूनियन के प्रबंधक रक्षपाल ने बताया कि परिवहन आयुक्त के इस फैसले का राज्यभर में विरोध हो रहा है। ऐसे में कठुआ जिले के तमाम यात्री वाहनों के चक्के सोमवार को ठप रहेगे। उन्होंने कहा कि परिवहन आयुक्त द्वारा यात्री वाहनों को धार्मिक यात्राओं, शादियों और अन्य आपात स्थिति के दौरान इस्तेमाल में लाए जाने वाले यात्री वाहनों को अस्थायी रूप से जारी होने वाले परमिट पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो उचित नहीं है।
यात्री वाहनों की छतों पर यात्रियों के सामान को भी ढोने पर प्रतिबंध है, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार के आदेश टीसीओ3/टीसी, तिथि 10.10.1968 और 1/सी/टीसी ऑफ 1973 के तहत राज्य में दौड़ने वाले यात्री वाहन यात्रियों में अधिकतम 800 किलोग्राम सामान ढोया जा सकता है, जबकि इस समय ऐसा नहीं है।
कांटैक्ट कैरिज रूट परमिट पर दौड़ने वाले वाले वाहन अब स्टेज कैरिज रूट परमिट के आधार पर दौड़ रहे हैं, जिससे स्टेज कैरिज परमिट वाले वाहनों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। जम्मू कठआ रूट पर 450 के लगभग बसें रोजाना अप-डाउन करती हैं। इनमें 50 हजार से अधिक लोग रोजाना जम्मू कठुआ के बीच सफर करते हैं। जिला में चलने वाली मिनी बस, आटो, टैंपो ट्रेवलर में भी हजारों की तादाद में लोग रोजाना सफर करते है। ऐसे में यदि हड़ताल लंबी चलती है तो लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।