कठुआ/बिलावर। जम्मू-कश्मीर बैंक को सरकारी दायरे में लाने के विरोध में शनिवार को नेकां कार्यकर्ताओं ने शहीदी चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य प्रशासनिक समिति अपना फैसला वापस ले और ऐसा करने से पूर्व जनता के साथ चर्चा की जाए।
प्रदर्शनकारियों में शामिल शकील अहमद टोनी, अजीत शर्मा, जेपी सिंह, केके बख्शी, नीलम शर्मा ने कहा कि राज्यपाल ने खुद ही फैसला कर लिया और जनता को इसके बारे में नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी भी इसके खिलाफ हैं और कश्मीर में इसके लिए प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने बैंक कर्मचारियों से भी एक बार राय जानना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि पहले से ही सरकारी दायरे में आने वाले विभिन्न सेक्टर की हालत सभी को पता है। ऐसे में राज्य के अहम बैंक को सरकारी दायरे में लाने का फैसला बैंक की व्यवस्था को खराब करना है। उन्होंने कहा कि इससे जनता को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जबरन किसी भी संस्थान को सरकारी दायरे में नहीं ला सकती है। इसके लिए कम से कम एक बार जनता या फिर उस संस्थान के कर्मचारियों की राय जान लेते। उन्होंने कहा कि नेकां इस फैसले को मान्य नहीं करेगी और अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो उग्र रुख अपनाया जाएगा।
बिलावर में भी जम्मू-कश्मीर बैंक को पीएसयू के दायरे में लाने के विरोध में नेकां की बिलावर इकाई ने ब्लाक के प्रधान जितेंद्र मल्होत्रा के नेतृत्व में बैंक की बिलावर शाखा के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नेकां पूरे राज्य में इस फैसले के विरुद्ध प्रदर्शन कर रही है। जम्मू-कश्मीर बैंक को आरटीआई एक्ट के अधीन नहीं लाया जाए। उन्होंने कहा कि इस फैसले को वापस लिया जाए। इस अवसर पर संजीव सेठी, भरत खजुरिया, ज्योति प्रसाद, विशाल दत्त आदि लोग उपस्थित थे।