लगातार जर्जर होते जा रहे जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे की अब जाकर सुध ली जाएगी। हाईवे अथारिटी आफ इंडिया ने एक निजी कंपनी के साथ छह माह का अनुबंध कर लिया है। 3.9 करोड़ रुपये की लागत के अनुबंध के तहत हाईवे की मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा।
अथारिटी प्रशासन के अनुसार मरम्मत का काम काफी अरसे से अधर में लटका हुआ है। लखनपुर से जम्मू तक दो टोल प्लाजा बनाए गए थे लेकिन लोगों के विरोध की वजह से वह चल नहीं पाए।
ऐसे में मरम्मत के लिए राशि का प्रावधान नहीं हो पा रहा था। हाईवे अथारिटी ने स्थिति को देखते हुए 3.9 करोड़ रुपये का कांट्रैक्ट कर दिया है जिस पर दो दिन बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे का विस्तारीकरण तो कर दिया गया लेकिन इसकी मरम्मत और रखरखाव के लिए व्यवस्था नहीं हो पाई।
हाईवे अथारिटी ने सेहस्वां में टोल प्लाजा तैयार किया जिसे मार्च 2013 में सक्रिय कर दिया गया। टोल प्लाजा के कांट्रैक्ट के अनुसार राजस्व एकत्रित करने वाली एजेंसी द्वारा हाईवे अथारिटी को रोजाना 11 लाख रुपये दिए जाने थे लेकिन टोल प्लाजा महज एक दिन चलने के बाद ही लोगों के विरोध के चलते ठप हो गया।
इसके बाद से मामला अधर में लटका रहा। विरोध को देखते हुए अथारिटी ने टोल प्लाजा को लखनपुर में शिफ्ट करने की योजना बनाई जो अब तक विचाराधीन है। उल्लेखनीय है कि लखनपुर से लेकर जम्मू तक नेशनल हाईवे कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। बरसात के सीजन में कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं और कई जगह किनारे तक बह गए।
हाईवे को अभी तक पूरी तरह से यातायात के लिए सुरक्षित नहीं किया जा सका है। हाईवे अथारिटी के प्रबंधक निदेशक आरपी सिंह ने अमर उजाला को बताया कि हाईवे की मरम्मत के लिए 3.9 करोड़ रुपये का कांट्रैक्ट हो चुका है। इस पर सोमवार से काम शुरू होने जा रहा है।