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जम्मू-कश्मीर: जम्मू में बने तीन माइक्रो कंटेनमेंट जोन, प्रदेश में 134 संक्रमित और दो की मौत 

Wed, 15 Dec 2021 12:22 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

विनायक नगर, छन्नी हिम्मत और गुलाब कालोनी में जरूरी सेवाओं को छोड़कर लॉकडाउन। सभी जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा। इस बीच प्रदेश में 134 नए संक्रमित मिले। पिछले चौबीस घंटे में कश्मीर में दो संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।

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जम्मू कश्मीर के माइक्रो कंटेनमेंट जोन में लगा लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू जिले में कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रसार के साथ माइक्रो कंटेनमेंट जोन में भी वृद्धि होने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से शहर के आसपास तीन क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इसमें पुलिस स्टेशन जानीपुर और तहसील जम्मू नार्थ के तहत सेक्टर नंबर 2, विनायक नगर, मुट्ठी, छन्नी हिम्मत पुलिस स्टेशन और बाहु तहसील के तहत सेक्टर नंबर 04, छन्नी हिम्मत और बाहू फोर्ट पुलिस स्टेशन व बाहू तहसील के तहत गुलाब कालोनी (सुल्ताना मसजिद भठिंडी के पास) माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। 

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सभी जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा। इस बीच प्रदेश में 134 नए संक्रमित मिले। पिछले चौबीस घंटे में कश्मीर में दो संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। जिला मजिस्ट्रेट जम्मू अंशुल गर्ग के अनुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सभी तरह की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी। मेडिकल आपात और व्यक्तिगत के लिए चौबीस घंटे कंट्रोल रूम में 0191-2571616, 0191-2571912 टेलीफोन नंबर सक्रिय रहेंगे। 

श्रीनगर में सर्वाधिक 44 नए मामले मिले
प्रदेश में मंगलवार को श्रीनगर में सर्वाधिक 44 नए संक्रमित मामले मिले। इसी जिले में सबसे अधिक 518 सक्रिय मामले हैं। जिला बारामुला में 26, गांदरबल में 12, जम्मू में 19 संक्रमित मामले मिले। प्रदेश के सभी बीस जिलों में सक्रिय मामले मौजूद हैं। जिला रियासी, रामबन, किश्तवाड़, सांबा और शोपियां में कोई नया संक्रमित मामला नहीं मिला। प्रदेश में मौजूदा 1427 सक्रिय मामले हैं, जबकि अब तक 4500 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है। 
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संस्थागत क्वारंटीन में परेशान हो रहे विदेशी यात्री 
जम्मू कश्मीर में जिनोम सिक्वेंसिंग टेस्टिंग सुविधा न होने के कारण संक्रमित विदेशी यात्री के जिनोम सैंपलों को जांच के लिए नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एलसीडीसी) दिल्ली में भेजा जा रहा है। जिसमें रिपोर्ट आने में 20 से 30 दिन लग रहे हैं। लेकिन इस व्यवस्था में संस्थागत क्वारंटीन में रहने वाले विदेशी यात्रियों की परेशानी भी बढ़ रही है। बिना लक्ष्ण और स्वस्थ होने के बावजूद उन्हें रिपोर्ट आने तक संस्थागत क्वारंटीन में रखा जा रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग के लिए भी ऐसे मामले चुनौती बन रहे हैं। उन्हें भी ऐसे यात्रियों को अपनी निगरानी में लंबे समय तक क्वारंटीन में रखना पड़ रहा है। डीआरडीओ जम्मू में वर्तमान में ऐसे तीन विदेशी यात्री क्वारंटीन हैं,  इनमें से लगभग सभी की हालत स्थिर है, लेकिन रिपोर्ट आने तक उन्हें वहीं रुकने को कहा गया है। जिससे उनकी मानसिक परेशानी बढ़ रही है। 
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जम्मू कश्मीर में कोविड की दूसरी लहर के दौरान श्रीनगर और जम्मू में जिनोम सिक्वेंसिंग मशीन स्थापित करने का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया। नतीजन वायरस के नए प्रारूप की पहचान के लिए आरटी पीसीआर के सैंपलों को दिल्ली स्थित लेबोरेटरी में भेजा जा रहा है।

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