क्रिकेट और फुटबॉल के बाद अब घुड़सवारी सीख रहे हैं युवा
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कश्मीर की फिजा में बदलाव की बयार बह रही है। बदले माहौल में कश्मीर के युवा खेलों और पेशेवर गतिविधियों पर फोकस करने लगे हैं। बडगाम जिले में खुला पहला घुड़सवारी स्कूल इसी की बानगी है। क्रिकेट और फुटबॉल के बाद अब युवा यहां घुड़सवारी करते नजर आ रहे हैं। खास बात है कि लड़कों के साथ लड़कियां भी घुड़सवारी करना सीख रही हैं।
अली अब्बास नाम के युवक ने निजी स्तर पर फजलुल्लाह फार्म्स नाम से युवाओं को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने की शुरुआत की है। अली बताते हैं कि घुड़सवारी को वह खेल के तौर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं। स्कूल खोले अभी एक महीना ही हुआ है। अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हर आयु वर्ग के लोग ट्रेनिंग के लिए आ रहे हैं।
लांग सफारी और पोलो की ट्रेनिंग भी जल्द
अली के मुताबिक स्कूल में अभी बेसिक कोर्स शुरू किए हैं। जल्द ही लांग सफारी और पोलो के प्रशिक्षण की शुरुआत की जाएगी। उनके पास अभी 15 घोड़े हैं। एक महीने के भीतर स्कूल से 3 बैच पास आउट हो चुके हैं, जिनमें करीब 12-15 बच्चे थे। स्कूल में प्रशिक्षण ले रहे अली अहमद ने कहा कि मुझे घुड़सवारी शौक था और अब मौका मिला है सीखने का। उन्होंने कहा कि मैं इस खेल में आगे बढ़ना चाहता हूं।
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35 विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण
ट्रेनर इरफान अहमद ने कहा कि इस खेल में अच्छी संभावनाएं हैं। हमारे पास 35 विद्यार्थी हैं। आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां से निकलेंगे। लड़कों के साथ लड़कियां भी घुड़सवारी के गुर सीखने में खासी दिलचस्पी दिखा रही हैं।