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जम्मू-कश्मीर: सोशल मीडिया पर भी हिंदी में आसानी से पहुंच रही लोगों तक बात, जम्मू के ये ब्लॉगर कर रहे काम

Thu, 19 Aug 2021 09:10 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

युवा इंटरनेट मीडिया के लिए तैयार की जा रही सामग्री में हिंदी भाषा का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। हिंदी में तैयार सामग्री जन-जन तक अपनी पहुंच बना रही है।
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ब्लॉग (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हिंदी जन-जन की भावनाओं की संवाहक भाषा है। हिंदी क्षेत्रीय भाषाओं के बीच भी पुल का काम करती है। इंटरनेट मीडिया की क्रांति के बाद युवा पीढ़ी भी हिंदी भाषा की ताकत को पहुंचाया है। युवा इंटरनेट मीडिया के लिए तैयार की जा रही सामग्री में हिंदी भाषा का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। हिंदी में तैयार सामग्री जन-जन तक अपनी पहुंच बना रही है। ब्लॉगिंग करने वाले युवा अपनी वीडियो में क्षेत्रीय भाषा के साथ हिंदी का प्रयोग कर अपनी बात को अपने लक्षित दर्शकों से भी ज्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
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हिंदी में अपनी बात को रखना काफी आसान होता है। मैं अपनी ब्लॉग के लिए जो सामग्री तैयार करता हूं, उसमें भाषा के चयन को काफी महत्व देता हूं। जम्मू-कश्मीर की आबादी का बड़ा हिस्सा हिंदी को समझता, बोलता और लिखता है। ऐसे में वीडियो की भाषा को हिंदी रखते हुए मैं काफी सहज और अपने दर्शकों से जुड़ा हुआ महसूस करता हूं। - जतिन शर्मा, ब्लॉगर, वंडरिंग बीट्स, जम्मू

जैसे हर व्यक्ति को हिंदी में बात करने में सहजता महसूस होती है। उसी तरह ब्लॉग में हिंदी भाषा का उपयोग करना सहजता देता है। हिंदी में कही अपनी बात को दूसरे व्यक्ति तक आसानी और प्रभावशाली रूप से पहुंचा सकते हैं। ब्लॉगिंग में हिंदी का प्रयोग सबसे ज्यादा हो रहा है। मैं ब्लॉग बनाते हुए स्थान, भाषा और सामग्री पर सबसे ज्यादा ध्यान देती हूं। हिंदी में अपनी बात दर्शकों के सामने रखने में उनसे जुड़ाव महसूस होता है। हिंदी में बनाई वीडियो की पहुंच अन्य भाषा में बनाई वीडियो से अधिक होती है। - सूर्या सलाथिया, ब्लॉगर, ट्रेवल एंड ब्रुप विद सूर्या, जम्मू
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क्षेत्रीय भाषा हमारी मातृ भाषा हो सकती है, लेकिन हिंदी जन-जन की भाषा है। अपने किसी भी काम में हिंदी का उपयोग करने से उस काम की पहुंच बढ़ जाती है। ज्यादा से ज्यादा लोग उससे जुड़ जाते हैं और अपनापन महसूस करते है। मैं खाने से जुड़ी वीडियो और फोटो अपने ब्लॉग पर डालती हूं। डोगरी खाना के नाम में डोगरी के साथ हिंदी में भी लिखती हूं, इससे हिंदी भाषी लोग ब्लॉग से जुड़ते हैं। वीडियो या फोटो पर आने वाली समीक्षा भी हिंदी में ही होती है। यह तभी हो पाता है जब दर्शक मेरी कही हुई बात को अच्छे से समझ पाते हैं। हिंदी लोगों को जोड़ने का काम करती है। - निहारिक गुप्ता, ब्लॉगर, जम्मू

हिंदी में कोई भी सामग्री तैयार करने में उसकी पहुंच अधिक होती है। मैं जम्मू-कश्मीर से जुड़े व्यंजनों की जानकारी अपने दर्शकों तक पहुंचाती हूं। इसमें हिंदी और इंग्लिश दोनों ही भाषाओं का प्रयोग होता है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से हिंदी में सामग्री उपलब्ध करवाने में ज्यादा सहज महसूस करती हूं। इससे उन लोगों तक भी पहुंच पाती हूं, जो अंग्रेजी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की कम जानकारी रखते हैं, हिंदी राष्ट्र भाषा है और हमें इसका हर स्तर पर प्रचार-प्रसार करना चाहिए। - रसलीन कौर, फूड ब्लॉगर, जम्मू
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