मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम-मेट्रोलाइट (एमआरटीएस) से जुड़वां राजधानी शहरों में एक सुरक्षित, विश्वसनीय, सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी। मेट्रोलाइट कॉरिडोर जम्मू में बनतलाब से बाड़ी ब्राह्मण 23 किमी, इंद्र नगर से एचएमटी जंक्शन 12.50 किमी और श्रीनगर में हजूरी बाग से उस्मानाबाद 12.50 किमी तक होगा। एक बार कार्य करने के बाद यातायात दुर्घटनाओं को कम किया जा सकेगा। यह बात मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने आज आवास एवं शहरी विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक में कही।
इस दौरान उन्होंने विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। विभाग ने जम्मू-कश्मीर के शहरी और कस्बों में सार्वजनिक पहुंच बढ़ाने के लिए अक्टूबर 2020 में पहली बार माई टाउन माई प्राइड कार्यक्रम मनाया। इससे डोर-स्टेप सेवा वितरण प्रदान करना और जम्मू-कश्मीर में जमीनी लोकतंत्र को मजबूत किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 553 विकास कार्यों की पहचान की गई। इनमें 345 अब तक पूरे हो चुके हैं और शेष मार्च 2022 तक पूरे हो जाएंगे।
अटल मिशन में 64 परियोजना का काम पूरा
कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) के तहत 64 परियोजनाओं को पूरा किया गया है। शेष 19 को मार्च 2022 तक अनुमानित लागत पर पूरा किया जाएगा। 513.13 करोड़ इस पर खर्च किए जाएंगे।
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सभी कस्बों को मिलेंगी नल सुविधा, अमृत 2.0 लांच होगा
शहरी क्षेत्रों में विकास को और बढ़ावा देने के लिए सभी कस्बों को पानी के नल कनेक्शन प्रदान करने के लक्ष्य के साथ 5 साल के लिए अमृत 2.0 लॉन्च किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत विभाग सभी शहरी स्थानीय निकायों में ठोस कचरे को अलग करने और घर-घर जाकर संग्रह करने पर ध्यान केंद्रित करके सभी शहरों और कस्बों के लिए %कचरा मुक्त% स्थिति प्राप्त करने की दिशा में काम जारी है। मुख्य सचिव ने विभाग को 2022 तक %कूड़ा मुक्त% शहरी क्षेत्रों को सुनिश्चित करने और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों को लागू करने के निर्देश दिए।
जल संचयन तकनीकों को दिया जाए बढ़ावा
पूरे वर्ष डल और निगीन झीलों में समर्पित और लगातार डी-वीडिंग अभियान जारी है।आवास और शहरी विकास विभाग को शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया। इससे जल का प्रयोग हो सकेगा।